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साउथ कोरियाई बाजार में भारी कोहराम: कोस्पी इंडेक्स 8% लुढ़का, ट्रेडिंग रोकने पर मजबूर हुए निवेशक|

साउथ कोरियाई शेयर बाजार में आज भारी उथलपुथल का माहौल देखा गया, जिसके कारण ट्रेडिंग को कुछ समय के लिए बाधित करना पड़ा। चिप निर्माण क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में आई भारी गिरावट के चलते कोस्पी इंडेक्स में 8 प्रतिशत से अधिक का नुकसान दर्ज किया गया, जिसने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस सप्ताह में यह दूसरा अवसर है जब बाजार में सर्किट ब्रेकर हॉल्ट लागू करना पड़ा, जो बाजार की मौजूदा अस्थिरता को दर्शाता है। विदेशी निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर की गई बिकवाली ने भी सूचकांक को पिछले सत्र की पूरी बढ़त गंवाने पर मजबूर कर दिया।

साउथ कोरियाई बाजार में भारी कोहराम: कोस्पी इंडेक्स 8% लुढ़का, ट्रेडिंग रोकने पर मजबूर हुए निवेशक|

बाजार में इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी टेक शेयरों में गुरुवार को हुई कमजोरी है। वैश्विक स्तर पर तकनीकी कंपनियों के प्रदर्शन में आए बदलावों के बाद निवेशकों ने अपने लाभ को सुरक्षित करने के लिए बिकवाली का रास्ता चुना। कोस्पी इंडेक्स पर सूचीबद्ध दिग्गज कंपनियों में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में 8.02 प्रतिशत और एसके हाइनिक्स के शेयरों में 8.94 प्रतिशत की भारी गिरावट देखी गई। इसी कड़ी में बैटरी निर्माता एलजी एनर्जी सॉल्यूशन के शेयर 5.11 प्रतिशत, हुंडई मोटर के शेयर 4.77 प्रतिशत, पोस्को होल्डिंग्स के शेयर 5.73 प्रतिशत और सैमसंग बायोलॉजिक्स के शेयर 3.10 प्रतिशत नीचे फिसल गए।

बाजार में अफरातफरी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विदेशी निवेशकों ने एक ही सत्र में लगभग 1.7 अरब डॉलर के शेयर बेच दिए। इस दबाव के चलते ट्रेडिंग को 20 मिनट के लिए रोकना पड़ा, ताकि बाजार में स्थिरता लाई जा सके। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में यह साउथ कोरियाई बाजार की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट के निकट पहुंच गया है। हालांकि, इस पूरे माहौल के विपरीत एआई तकनीक की बढ़ती मांग के चलते माइक्रोन के शेयरों में 15.81 प्रतिशत की तेजी भी दर्ज की गई, जो बाजार के कुछ क्षेत्रों में मौजूद सकारात्मक संकेतों को दर्शाती है।

अमेरिकी बाजार का प्रभाव अन्य वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं पर भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है। ऐपल के शेयरों में 6.15 प्रतिशत, माइक्रोसॉफ्ट में 3 प्रतिशत से अधिक और एनवीडिया के शेयरों में 1.59 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। भारत में मुहर्रम के कारण बाजार में अवकाश होने के बावजूद, वैश्विक शेयर बाजारों में चल रही यह हलचल आने वाले दिनों में निवेशकों की सतर्कता को और बढ़ा सकती है। यह स्थिति वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और तकनीकी निवेशों के आपसी जुड़ाव को रेखांकित करती है, जहां एक बाजार की गिरावट का सीधा असर दूसरे प्रमुख एशियाई बाजारों पर देखने को मिल रहा है।

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