देहरादून। कर्णप्रयाग में पार्किंग को लेकर निहंगों व स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद को लेकर शुक्रवार को भी पूरा दिन पंजाब से पहुंचे करीब 200 निहंगों के जत्थों ने उत्तराखंडहिमाचल की सीमा पर जमकर हंगामा किया।

हिमाचलउत्तराखंड की पांवटा साहिबकुल्हाल सीमा से देहरादून में प्रवेश की कोशिश कर रहे निहंग सिखों को लेकर शुक्रवार को भी पुलिसप्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा व सीमा सील कर दी।
देर शाम देहरादून जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल एवं पांवटा प्रशासन की मौजूदगी में पांवटा गुरुद्वारा में करीब तीन घंटे तक चली कई दौर की वार्ता में निहंगों की ओर से चार मांगें रखी गई।
जिसमें कर्णप्रयाग में गिरफ्तार निहंगों की रिहाई व मुकदमा दर्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग पर वह अड़े हुए हैं। उन्होंने उत्तराखंड सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। तक तब पांवटा गुरुद्वारा में रुकने की बात कही है।
गत 16 जून को हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जा रहे चार निहंगों का पार्किंग को लेकर स्थानीय होटल संचालक से विवाद हो गया था। आरोप था कि निहंगों ने हथियारों ने स्थानीय लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें चार लोग जख्मी हो गए थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चारों निहंगों को गिरफ्तार कर लिया था। प्रकरण को लेकर पंजाब के निहंग आक्रोशित हैं और उन्होंने उत्तराखंड कूच का ऐलान किया था।
गुरुवार को वह पांवटा साहिब पहुंचे व पूरा दिन कुल्हाल सीमा पर हंगामा किया, लेकिन देर रात पुलिस को चकमा देकर वह देहरादून में घुस गए और शहर में देर रात तक पुलिस नाकेबंदी कर उनकी तलाश करती रही। हालांकि, देर रात करीब ढाई बजे पुलिस ने सभी निहंगों को पकड़कर पांवटा सीमा तक छोड़ दिया था।
शुक्रवार सुबह निहंग फिर दून में प्रवेश करने के लिए अड़ गए और पुलिस ने सीमा को सील कर दिया। जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने सीमा पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उन्होंने मौके पर तैनात अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कानूनव्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
तीन घंटे चली वार्ता रही बेनतीजा
पांवटा गुरुद्वारा में दोनों राज्यों के पुलिसप्रशासन के साथ निहंगों की करीब तीन घंटे की वार्ता बेनतीजा रही।निहंगों ने गिरफ्तार चारों निहंगों की तत्काल रिहाई, घायल निहंंग के बेहतर उपचार, मुकदमा दर्ज करने वाले व लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांगें रखी हैं।
जिस पर देहरादून पुलिसप्रशासन ने दो दिन का समय मांगा। निहंगों ने प्रशासन को यह समय देते हुए अल्टीमेटम दिया कि यदि मांग पूरी न हुई तो रविवार शाम को वह उत्तराखंड की सीमा में बैरियर तोड़कर घुस जाएंगे।
पांच प्रतिनिधियों को कर्णप्रयाग जाने की अनुमति
उत्तराखंड सरकार ने निहंगों की मांग पर पांच निहंग प्रतिनिधियों को कर्णप्रयाग जाकर गिरफ्तार निहंगों से मिलने की अनुमति दे दी है।
बता दें कि, घटना में पुलिस ने चारों निहंगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से तीन चमोली जिला कारगार में न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि एक घायल निहंग का पुलिस अभिरक्षा में ऋषिकेश एम्स में उपचार चल रहा है। निहंगों के प्रतिनिधिमंडल ने घायल से मिलने की भी मांग रखी है।


