अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इजराइल और लेबनान के राजदूतों के साथ शुक्रवार को एक समझौते की घोषणा की, जिसे इजराइली बलों और लेबनान के चरमपंथी गुट हिजबुल्लाह के बीच महीनों से जारी संघर्ष के बाद शांति की दिशा में पहला कदम बताया जा रहा है.

अधिकारियों ने समझौते के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, जिस पर अमेरिका में इज़राइल के राजदूत येचिएल लीटर और अमेरिका में लेबनान की राजदूत नादा हमदेह ने साइन किए. हालांकि इस समझौते की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.
इस समझौते को लेकर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका, इजराइल और लेबनान के बीच हुआ यह शुरुआती समझौता ईरान के लिए एक बड़ा झटका है.
दक्षिणी लेबनान में बनी रहेगी इजराइल की सेना
पीएम नेतन्याहू ने कहा कि यह समझौता ईरान के प्रभाव को कमजोर करता है. इजराइली सेना की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए उनके बयान के अनुसार, नेतन्याहू ने यह भी कहा कि जब तक लेबनान हिजबुल्लाह को निरस्त्र नहीं करता, तब तक इजराइल की सेना दक्षिणी लेबनान में बनी रहेगी.
देश में शांति, सुरक्षा और समृद्धि
लेबनान की राजदूत नादा हमादेह ने कहा कि यह फ्रेमवर्क लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बहाल करने की दिशा में पहला कदम है. इसका मकसद लड़ाई को पूरी तरह और स्थायी रूप से रोकना है, ताकि लोग अपने घर लौट सकें और देश में शांति, सुरक्षा और समृद्धि स्थापित हो सके.
एकदूसरे की संप्रभुता का सम्मान
इजराइल के राजदूत येखिएल लीटर ने कहा कि इस समझौते का अंतिम लक्ष्य दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करना है. उन्होंने कहा कि यह एक वास्तविक शांति होगी, जिसमें दोनों देश सुरक्षित रहेंगे. एकदूसरे की संप्रभुता का सम्मान किया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि इस त्रिपक्षीय समझौते में ईरान और हिजबुल्लाह को अलग रखा गया है और अब शांति की दिशा में रास्ता आगे बढ़ रहा है.
हिजबुल्लाह ने इजराइल पर रॉकेट दागे
बता दें कि यह संघर्ष तब शुरू हुआ था, जब 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी, जिसके कुछ दिनों बाद हिजबुल्लाह ने इजराइल पर रॉकेट दागे थे. इसके बाद इजराइल ने लेबनान में घुसकर अपना नियंत्रण बढ़ा दिया. मार्च से अब तक लेबनान में इजराइली हमलों में 4000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमलों के बाद तनाव
वहीं, लड़ाई के दौरान इजराइल के 37 सैनिक लेबनान या उत्तरी इजराइल में मारे गए हैं. हाल के दिनों में दोनों पक्षों के बीच संघर्ष में थोड़ी कमी आई. लेकिन इजराइल की ओर से दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमलों के बाद तनाव फिर बढ़ गया. हिजबुल्लाह इस बातचीत का हिस्सा नहीं था.
पहले कई बार सीजफायर समझौते हुए थे, लेकिन वे जमीन पर लागू नहीं हो सके. लेबनान के अधिकारियों का कहना है कि बातचीत में उनकी मुख्य मांग दक्षिणी लेबनान से इजराइली सेना की वापसी है, जबकि इजराइल का मुख्य जोर हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण पर है.



