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अपने पेट का जुगाड़ करने गए थे, बाघ ने बनाया शिकार… खा गया युवक का आधा शरीर; पेंच टाइगर रिजर्व में सिक्योरिटी पर सवाल

अपने पेट का जुगाड़ करने गए थे, बाघ ने बनाया शिकार... खा गया युवक का आधा शरीर; पेंच टाइगर रिजर्व में सिक्योरिटी पर सवाल

बाघ युवक का आधा शरीर खा गया.
Image Credit source: freepik

मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व में सिस्टम की घोर लापरवाही सामने आई है. छिंदवाड़ा वन क्षेत्र के गुमतरा कोर परिक्षेत्र में प्रतिबंधित क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट के भीतर मछली पकड़ने गए एक ग्रामीण की बाघ के हमले में मौत हो गई. इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई है. वहीं हादसे के बाद पेंच पार्क प्रबंधन की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. घटना चांद थाना क्षेत्र की है.

मृतक की पहचान 43 वर्षीय कमल उईके के रूप में हुई है, जो कुरई थाना क्षेत्र के ग्राम टिकारी माल का निवासी था. परिजनों के मुताबिक कमल 4 जनवरी की शाम से लापता था. 5 जनवरी को परिजनों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. 6 जनवरी की सुबह चांद थाना पुलिस और वन विभाग की संयुक्त तलाशी में महादेव घाट के पास कमल का शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला.

प्रतिबंधित एरिया में गया था मृतक

वन विभाग का कहना है कि कमल नाव के जरिए नदी पार कर प्रतिबंधित कोर एरिया में गया था, जहां बाघों की नियमित आवाजाही रहती है. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जिस क्षेत्र को क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट घोषित किया गया है. वहां एक व्यक्ति घंटों तक कैसे मौजूद रहा और विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी?

घटना के बाद पेंच पार्क प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था कटघरे में है. कोर एरिया को सबसे सुरक्षित और संवेदनशील बताया जाता है, जहां आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है. इसके बावजूद एक ग्रामीण का नदी पार कर महादेव घाट तक पहुंच जाना गश्त की हकीकत बयां कर रहा है.

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