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Faiz-e-Ilahi Mosque: फैज-ए-इलाही का क्या होता है मतलब? जिसके नाम पर दिल्ली में मुगल शासन में बनी मस्जिद

Faiz-e-Ilahi Mosque: फैज-ए-इलाही का क्या होता है मतलब? जिसके नाम पर दिल्ली में मुगल शासन में बनी मस्जिद

फैज़-ए-इलाही मस्जिदImage Credit source: PTI

Faiz-e-Ilahi Meaning: देश की राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट पर बनी फैज़-ए-इलाही मस्जिद (Faiz-e-Ilahi) चर्चा में आ गई है. इस मस्जिद के आस-पास हुए अतिक्रमण पर दिल्ली नगर निगम (MCD) ने बुलडोजर चलाया है. अतिक्रमण को हटाने के लिए ताबड़तोड़ हुई कार्रवाई के दौरान हिंसा भी भड़की, जिसमें पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. आरोप है कि स्थानीय लोगों ने पत्थर फेंके और पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्के आंसू गैस के गोले छोड़े. इस बवाल के बीच आपको बताते हैं कि फैज़-ए-इलाही का क्या मतलब है?

फैज-ए-इलाही के नाम का मतलब जानने से पहले आपको बताते हैं कि ये बवाल कैसे शुरू हुआ? बुधवार को रात करीब 1 बजे, भारी सुरक्षा बल की तैनाती के बीच 30 बुलडोजर मौके पर पहुंचे. आरोप है कि स्थानीय लोगों ने सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके. इस घटना में एसएचओ समेत कुल पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. उन्हें बाद में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई. पुलिस का कहना है कि उन्होंने FIR दर्ज कर ली है और कम से कम 10 लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि कथित पत्थरबाजी में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है.

दिल्ली के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा ने कहा कि फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास डिमोलिशन ड्राइव MCD ने दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए पूरे लॉ-एंड-ऑर्डर इंतजामों के साथ चलाई है. थोड़ी देर की गड़बड़ी के बाद स्थिति को कंट्रोल में कर लिया गया और कम से कम बल प्रयोग करके सामान्य स्थिति बहाल की गई.

फैज़-ए-इलाही मस्जिद कब बनी?

फैज़-ए-इलाही मस्जिद तुर्कमान गेट के पास आसफ अली रोड पर बनी हुई है. इस मस्जिद के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण 18 शताब्दी में किया गया है. इसे बनवाने वाले सूफी संत हजरत शाह फैज-ए-इलाही हैं. वहीं, मुगल काल के दौरान इसका भव्य निर्माण बादशाह अहमद शाह बहादुर या शाह आलम द्वितीय के शासनकाल के दौरान करवाने की बात कही जाती है, जबकि कई जगह ये भी जिक्र यह भी मिलता है कि इसे औरंगजेब ने बनवाया था.

मस्जिद बनाने में लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी वजह से इसकी भव्यता देखते ही बनती है. साथ ही साथ प्रभावशाली मुगल वास्तुकला शैली भी दिखाई देती है. मस्जिद के ऊपर छोटे गुंबद और सादी मीनारें हैं. जिस समय मस्जिद बनकर तैयार हुई थी उस समय यहां नमाज नहीं पढ़ी जाती थी, बल्कि भाई चारे के लिए मरकज था, जिसमें धार्मिक शिक्षा और सूफी परंपराओं को लेकर चर्चाएं की जाती थीं. इस समय मस्जिद का प्रबंधन दिल्ली वक्फ बोर्ड के पास है.

क्या है फैज़-ए-इलाही का मतलब?

फैज-ए-इलाही एक अरबी-फारसी वाक्य है, जिसका अर्थ अल्लाह की दुआ होता है. इसे ऐसे समझते हैं कि फैज का मतलब उदारता, दुआ फिर या दया होता है. इलाही का मतलब अल्लाह से संबंधित है. सूफीवाद में इसे आध्यात्मिक ज्ञान या दुआ के लिए किया जाता है जो सीधे अल्लाह से प्राप्त होता है.

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