8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच लगातार चर्चा बनी हुई है. सबसे ज्यादा नजर जिस चीज पर टिकी है, वह है फिटमेंट फैक्टर. यही वह आधार होगा, जिसके जरिए कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी और उससे जुड़े भत्ते तय किए जाएंगे.

फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और उससे जुड़ा हाउस रेंट अलाउंस भी उतना ही बढ़ेगा. हालांकि, सरकार ने अभी तक फिटमेंट फैक्टर पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है.
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर एक गुणक होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है. उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 20,000 रुपये है और फिटमेंट फैक्टर 2.5 तय होता है, तो नई बेसिक सैलरी 50,000 रुपये हो जाएगी. यही नई बेसिक सैलरी आगे महंगाई भत्ता , HRA और अन्य भत्तों की गणना का आधार बनती है.
2, 2.5 और 3 फिटमेंट फैक्टर से कितना होगा फायदा?
रिपोर्ट के अनुसार, यदि फिटमेंट फैक्टर 2 तय होता है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में मौजूदा स्तर की तुलना में दोगुना इजाफा होगा. अगर फिटमेंट फैक्टर 2.5 होता है तो सैलरी में और अधिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. वहीं यदि 3 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और HRA में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी होगी.
लेवल1 से लेकर लेवल13 तक के कर्मचारियों की सैलरी में वृद्धि उनके मौजूदा वेतनमान के अनुसार अलगअलग होगी, लेकिन सभी मामलों में फिटमेंट फैक्टर का सीधा असर दिखाई देगा.
HRA पर भी पड़ेगा सीधा असर
फिटमेंट फैक्टर बढ़ने का फायदा केवल बेसिक सैलरी तक सीमित नहीं रहेगा. HRA भी नई बेसिक सैलरी के आधार पर तय होगा. यानी जिन कर्मचारियों को 27%, 18% या 9% की दर से HRA मिलता है, उनकी राशि भी नई बेसिक सैलरी के हिसाब से बढ़ जाएगी.
यही वजह है कि कर्मचारी संगठन अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं, ताकि सिर्फ वेतन ही नहीं बल्कि कुल मासिक आय में भी अच्छा इजाफा हो.
सरकार के फैसले का इंतजार
फिलहाल केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन करने की घोषणा कर दी है, लेकिन आयोग के सदस्यों, कार्यक्षेत्र और फिटमेंट फैक्टर को लेकर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है. कर्मचारी संगठनों की मांग है कि फिटमेंट फैक्टर 2.5 से 3 के बीच रखा जाए, जबकि अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा.
ऐसे में केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनर्स अब आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इन्हीं के आधार पर उनकी सैलरी, HRA और अन्य भत्तों में होने वाली बढ़ोतरी तय होगी.



