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कांगो में इबोला ने मचाई तबाही; संक्रमितों की संख्या 1200 पार, नहीं थम रहा मौतों का सिलसिला

Ebola Outbreak Cases In Congo: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो एक बार फिर जानलेवा इबोला वायरस की गिरफ्त में है। ताजा आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, देश में इबोला संक्रमितों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है और यह आंकड़ा अब 1,200 के पार पहुंच गया है।

कांगो में इबोला ने मचाई तबाही; संक्रमितों की संख्या 1200 पार, नहीं थम रहा मौतों का सिलसिला
कांगो में इबोला ने मचाई तबाही; संक्रमितों की संख्या 1200 पार, नहीं थम रहा मौतों का सिलसिला

स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अब तक कुल 1,203 लोग इस खतरनाक वायरस की चपेट में आ चुके हैं, जिनमें से 321 मरीजों ने अपनी जान गंवा दी है। यह स्थिति अफ्रीका के इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक गंभीर चुनौती बनकर उभरी है।

अस्पतालों में बढ़ता दबाव और संदिग्ध मामले

देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, स्थिति काफी चिंताजनक है। वर्तमान में 419 मरीज या तो आइसोलेशन में हैं या विभिन्न अस्पतालों में जीवन और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं। राहत की बात केवल इतनी है कि अब तक 148 मरीज इस बीमारी को मात देकर पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं।

हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों ने 265 संदिग्ध मामलों की भी पहचान की है, जिनमें से 77 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे वास्तविक मृत्यु दर और अधिक होने की आशंका है।

WHO ने दी चेतावनी

के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने इस संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जमीनी स्तर पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का काम युद्धस्तर पर जारी है।

उन्होंने यह भी कहा कि कई मरीज ठीक होकर घर लौट रहे हैं, लेकिन उन्होंने आगाह किया कि इस महामारी के खिलाफ जंग अभी बहुत लंबी है। इलाके में जारी सशस्त्र संघर्ष और असुरक्षा की वजह से राहत और बचाव कार्यों की गति काफी धीमी हो गई है।

राहत कार्यों में आ रही हैं गंभीर बाधाएं

इबोला के खिलाफ इस अभियान में केवल वायरस ही नहीं, बल्कि सामाजिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी दीवार बनकर खड़ी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, स्थानीय समुदायों में भरोसे की कमी के कारण लोग पोस्टमॉर्टम परीक्षणों का विरोध कर रहे हैं।

इतुरी क्षेत्र में उपचार केंद्रों की भारी कमी है और मौजूदा केंद्र लगभग पूरी तरह भर चुके हैं। इसके अलावा, दवाओं की कमी, संक्रमण रोकथाम सामग्री का अभाव और लगभग 20 नए आइसोलेशन केंद्रों की तत्काल आवश्यकता जैसे मुद्दे अभियान को कमजोर कर रहे हैं।

‘बुंडिबुग्यो’ वायरस का खतरा

यह वर्तमान प्रकोप ‘‘ के कारण फैला है, जिसकी आधिकारिक घोषणा 15 मई को की गई थी। अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के महानिदेशक जीन कासेया ने चेतावनी दी है कि घोषणा के पांच सप्ताह बाद भी यह प्रकोप अपने चरम पर नहीं पहुंचा है।

उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह ही मामलों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। इस संकट से निपटने के लिए अफ्रीका सीडीसी ने 1.4 अरब अमेरिकी डॉलर की सहायता की अपील की है, जबकि वर्तमान में केवल प्रतिक्रिया अभियान में ही 20 मिलियन डॉलर की भारी फंडिंग कमी देखी जा रही है।

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