ब्रिटिश अमेरिकन टोबैको से जुड़ी दो यूनिट्स को वित्त वर्ष 202526 में भारतीय समूह आईटीसी से कुल 3,895.74 करोड़ रुपए का डिविडेंड प्राप्त हुआ है. आईटीसी की फ्रेश एनुअल रिपोर्ठ के अनुसार, बीएटी का आईटीसी में रणनीतिक निवेश तीन यूनिट्स लिमिटेड , मैड्लेटन इन्वेस्टमेंट कंपनी लिमिटेड और रॉथमैन्स इंटरनेशनल एंटरप्राइजेज लिमिटेड) के माध्यम से है. आईटीसी ने वित्त वर्ष 202526 में टीएमआई और मैड्लेटन इन्वेस्टमेंट कंपनी को कुल 3,895.75 करोड़ रुपए का डिविडेंड दिया, जबकि वित्त वर्ष 202425 में यह आंकड़ा 4,238.93 करोड़ रुपए था. इस प्रकार इसमें लगभग 8.1 प्रतिशत की सालाना गिरावट दर्ज की गई.

कम हुई है हिस्सेदारी
वित्त वर्ष 202526 में आईटीसी ने टीएमआई को 3,197.89 करोड़ रुपए तथा मैड्लेटन इन्वेस्टमेंट कंपनी को 697.86 करोड़ रुपए का डिविडेंड भुगतान किया. हालांकि, वार्षिक रिपोर्ट में 1.24 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली रॉथमैन्स इंटरनेशनल एंटरप्राइजेज को किए गए डिविडेंड का उल्लेख नहीं किया गया है. मार्च 2026 तक टीएमआई की आईटीसी में हिस्सेदारी 17.79 प्रतिशत और मैड्लेटन इन्वेस्टमेंट कंपनी की 3.88 प्रतिशत रही, जबकि रॉथमैन्स इंटरनेशनल एंटरप्राइजेज के पास 1.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है. डिविडेंड में कमी का कारण आईटीसी में बीएटी से जुड़ी इकाइयों की हिस्सेदारी में गिरावट को बताया गया है. टीएमआई ने पिछले दो वर्षों में आईटीसी में अपनी हिस्सेदारी घटाई है.
आईटीसी ने BAT से खरीदे ट्रेडमार्क
इसके अलावा, वित्त वर्ष 2026 में आईटीसी ने भारतीय बाजार के लिए BAT से तीन ब्रांड्स के ट्रेडमार्क खरीदने के लिए 403.61 करोड़ रुपए का भुगतान भी किया. रिपोर्ट के अनुसार, ITC ने वित्त वर्ष 2026 के दौरान Benson & Hedges Ltd से 286.14 करोड़ रुपए, Dunhill Tobacco of London Ltd से 73.14 करोड़ रुपए और Rothmans of Pall Mall Ltd से 44.33 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी, प्लांट, इक्विपमेंट और इनटैंजिबल एसेट्स खरीदीं. सालाना रिपोर्ट में साल के दौरान ITC और कई BAT ग्रुप कंपनियों के बीच हुए ‘रिलेटेडपार्टी ट्रांज़ैक्शन’ के बारे में भी जानकारी दी गई.
British American Tobacco Ltd को सामान और सेवाओं की बिक्री वित्त वर्ष 2026 में 1,587.03 करोड़ रुपए रही, जो एक साल पहले 1,445.27 करोड़ रुपए थी. इसी तरह, IT शेयर्ड सर्विसेज देने वाली कंपनी British American Shared Services Ltd को सामान और सेवाओं की बिक्री भी वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 739.69 करोड़ रुपए हो गई. एक साल पहले यह आंकड़ा 562.41 करोड़ रुपए था.



