
फरीदाबाद : औद्योगिक नगरी फरीदाबाद की पंचशील कॉलोनी से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक नई शुरुआत की उम्मीद संजोए बैठी मात्र 23 साल की एक गर्भवती महिला की जिंदगी को उसके ही जीवनसाथी ने बेहद क्रूरता के साथ खत्म कर दिया। आरोपी पति ने अपनी छह महीने की गर्भवती पत्नी नेहा कुमारी को महीनों तक घर में बंधक बनाकर रखा, उसे भयानक मानसिक व शारीरिक यातनाएं दीं और आखिरकार पानी से भरी बाल्टी में उसका सिर डुबोकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।
दिल दहला देने वाली बात यह है कि इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी ने खुद अपने चाचा को फोन किया और ठंडे दिमाग से बोला, ‘मैंने मर्डर कर दिया है’ और इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। दोनों की शादी को अभी महज एक साल ही बीता था।
जानिए उस खौफनाक दिन आखिर क्या हुआ था?
यह पूरी वारदात फरीदाबाद के पल्ला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पंचशील कॉलोनी पार्ट-2 की है। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश के अनुसार, आरोपी अमित गुप्ता 26 दिल्ली के लाजपत नगर में एक ग्राफिक डिजाइनर के तौर पर नौकरी करता था। उसका रोज का नियम था कि वह सुबह 8:30 से 9 बजे के बीच काम के लिए निकलता और शाम को करीब 7 बजे घर लौटता था। लेकिन इस दौरान वह अपनी गर्भवती पत्नी नेहा को बाहर से ताला लगाकर कमरे में बंद कर जाता था, जिससे नेहा प्रतिदिन करीब 10 घंटे तक घर के भीतर कैद रहने को मजबूर थी।
पिछले कुछ दिनों से अमित अचानक काम पर नहीं जा रहा था और घर पर ही बैठा था। 25 जून की सुबह नेहा ने उसे दोबारा नौकरी पर जाने और आने वाले बच्चे की जिम्मेदारियां संभालने की सलाह दी। बस इतनी सी बात पर अमित आगबबूला हो गया और दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में अंधे हो चुके अमित ने नेहा को दबोच लिया और उसका सिर पानी से लबालब भरी बाल्टी में जबरन डुबो दिया, जिससे दम घुटने के कारण नेहा की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने अपने चाचा को फोन कर हत्या की बात कबूली और फरार हो गया। जब बदहवास परिजन मौके पर पहुंचे, तो नेहा का शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और क्राइम ब्रांच को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए।
बिहार की नेहा और हरदोई का अमित: 15 लाख के मकान और जमीन का क्या है कनेक्शन?
मृतका नेहा कुमारी मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली थी, जबकि आरोपी अमित गुप्ता उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का निवासी है। दोनों का विवाह पिछले साल 30 अप्रैल 2025 को हुआ था। शादी के शुरुआती दिनों में यह जोड़ा दिल्ली के बदरपुर बॉर्डर के पास एक किराए के मकान में रहता था। करीब दो महीने पहले ही उन्होंने फरीदाबाद की पंचशील कॉलोनी में तकरीबन 15 लाख रुपये का एक मकान खरीदा था और अभी एक महीने पहले ही दोनों ने नए घर में गृह प्रवेश किया था।
इस मामले में एक हैरान करने वाला आर्थिक पहलू भी सामने आया है। नेहा के पिता ने बेटी की खुशहाली के लिए एक जमीन खरीदी थी, लेकिन अमित के लगातार दबाव बनाने के कारण उन्होंने उस जमीन की रजिस्ट्री अमित के नाम पर करवा दी थी। इतना ही नहीं, फरीदाबाद में मकान बनाने के लिए भी नेहा के मायके वालों ने बड़ी आर्थिक मदद दी थी। बेटी की मौत के बाद अब पूरा परिवार इस बात पर खून के आंसू रो रहा है और अपनी उस मदद को ही अपनी सबसे बड़ी भूल मान रहा है।
चरित्र पर शक का वो जानलेवा फितूर, जिसने गर्भवती को बना दिया था कैदी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस खौफनाक हत्या की मुख्य वजह अमित का सनकीपन और अपनी पत्नी के चरित्र पर बेबुनियाद शक करना था। अमित को वहम था कि नेहा का किसी अन्य व्यक्ति के साथ विवाहेतर संबंध (Extra-Marital Affair) है। इसी घातक शक ने उसे एक हिंसक जानवर में तब्दील कर दिया। आस-पड़ोस के लोगों ने पुलिस को बताया कि छह महीने की गर्भवती होने के बावजूद नेहा को कभी बाहर नहीं देखा जाता था, वह हमेशा घर के अंदर ही बंद रहती थी। अमित उसे अकेले न तो बाजार जाने देता था और न ही किसी पड़ोसी या रिश्तेदार से बात करने की इजाजत थी।
नेहा ने अपनी इस प्रताड़ना और कैद की बात फोन पर अपने मायके वालों को भी बताई थी, लेकिन सामाजिक लोक-लाज और रिश्ता न टूटने के डर से परिवार ने इसका खुलकर विरोध नहीं किया। पड़ोसी भी अमित के इस अजीब और नियंत्रणकारी व्यवहार से वाकिफ थे, लेकिन किसी ने भी समय रहते हस्तक्षेप करना जरूरी नहीं समझा।
घरेलू हिंसा का वो खामोश और छुपा हुआ खतरा, जो निगल गया दो जानें
फरीदाबाद की यह घटना समाज में पैर पसार रही घरेलू हिंसा (Domestic Violence) के भयानक सच को उजागर करती है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े साफ बताते हैं कि देश में महिलाओं के खिलाफ घरेलू प्रताड़ना के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। सबसे ज्यादा चिंताजनक यह है कि शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद नाजुक दौर से गुजर रही गर्भवती महिलाएं भी इस हिंसा से अछूती नहीं हैं। शक, ईर्ष्या, लालच और पार्टनर पर पूरी तरह नियंत्रण रखने की बीमार मानसिकता अक्सर ऐसे ही जघन्य अपराधों का रूप ले लेती है। ऐसे मामलों में अक्सर पीड़ित महिला का परिवार भी उसे संबल देने के बजाय चुप रहकर सब कुछ बर्दाश्त करने की नसीहत देता है, जो अंततः बेहद आत्मघाती साबित होता है।
कानूनी कार्रवाई: पल्ला थाना पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
इस मामले में फरीदाबाद की पल्ला थाना पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत पर आरोपी अमित गुप्ता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 302 (हत्या) व अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। वारदात के बाद से ही आरोपी का मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा है, जिसकी वजह से साइबर सेल को उसकी लोकेशन ट्रेस करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने आरोपी की धरपकड़ के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया है जो अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। मेडिकल बोर्ड द्वारा मृतका का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक समय और तकनीक का पूरी तरह खुलासा हो पाएगा। पुलिस फिलहाल संपत्ति विवाद के एंगल को भी ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ा रही है।



