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गोशाला में हुई मुलाकात, फिर रची करोड़ों की ब्लैकमेलिंग! पंचकूला कांड में दंपती की पूरी साजिश आई सामने,,

गोशाला में हुई मुलाकात, फिर रची करोड़ों की ब्लैकमेलिंग! पंचकूला कांड में दंपती की पूरी साजिश आई सामने,,

हरियाणा : हरियाणा के पंचकूला में लिफ्ट के बहाने लोगों को ब्लैकमेल कर लूटपाट करने वाले दंपती की कहानी जांच में सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों की मुलाकात एक गोशाला में हुई थी। दोस्ती प्यार में बदली, फिर दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे और बाद में परिवार की सहमति से शादी कर ली। हालांकि, नशे की लत के चलते दोनों अपराध की दुनिया में उतर गए।

पुलिस जांच के अनुसार, कैथल के सोलू माजरा गांव निवासी बलवान पिंजौर की एक गोशाला में बीमार और घायल पशुओं का उपचार करता था। उसने 12वीं तक पढ़ाई की है और पशुओं के इलाज का प्रशिक्षण भी लिया था।

कुत्ते के इलाज के दौरान हुई थी मुलाकात

पिंजौर की रहने वाली सवनीत कौर एक बार अपने बीमार कुत्ते का इलाज कराने गोशाला पहुंची थी। वहीं उसकी मुलाकात बलवान से हुई। इलाज के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और सवनीत ने उसका मोबाइल नंबर ले लिया। इसके बाद दोनों लगातार संपर्क में रहे। कुछ समय तक लिव-इन में रहने के बाद 18 जुलाई 2025 को परिवार की सहमति से शादी कर ली। पुलिस के अनुसार, सवनीत की पहले भी शादी हो चुकी थी और उसका एक बेटा है, जो फिलहाल अपनी नानी के पास रहता है।

नशे की लत ने बदली जिंदगी

जांच में सामने आया कि सवनीत चिट्टे का नशा करती थी और बाद में बलवान भी इसकी चपेट में आ गया। नशे की वजह से दोनों का रोजगार छूट गया। रोजाना पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए दोनों ने लोगों को फंसाकर पैसे ऐंठने की योजना बनाई।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

पुलिस के मुताबिक, सवनीत पंचकूला और आसपास के इलाकों में बाइक या कार सवार लोगों से लिफ्ट मांगती थी। रास्ते में किराया न होने की बात कहकर कुछ पैसे और मोबाइल नंबर ले लेती। अगले दिन पैसे लौटाने के बहाने पीड़ित को एक तय स्थान पर बुलाया जाता। वहां बलवान पहुंचकर खुद को महिला का पति बताता और आरोप लगाता कि उसकी पत्नी घर से लापता थी। इसके बाद दोनों मिलकर पीड़ित को डराकर नकदी और ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे।

मोबाइल में रकम के हिसाब से सेव करते थे नंबर

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि दोनों जिस व्यक्ति से जितनी रकम वसूलते थे, उसका मोबाइल नंबर उसी राशि के साथ सेव कर लेते थे। जांच के मुताबिक, चार महीने में दोनों करीब 40 लोगों को अपना शिकार बना चुके थे और उनके खातों में लगभग 4 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर हुए। लोकलाज के कारण अधिकांश पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत नहीं की।

एक शिकायत से खुला पूरा मामला

20 जून 2026 को एक प्रवासी मजदूर की शिकायत के बाद पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने एक महिला को लिफ्ट दी थी। बाद में महिला ने किराए के नाम पर ऑनलाइन पैसे मंगवाए और फिर पैसे लौटाने के बहाने उसे ईशर नगर बुलाया। वहां बलवान ने खुद को महिला का पति बताते हुए उसे धमकाया। आरोप है कि दोनों उसे एटीएम ले गए और उसके खाते से 22 हजार रुपये निकलवा लिए। इसके बाद उसका मोबाइल और बाइक छीनकर उसे लोहगढ़ इलाके में छोड़कर फरार हो गए।

पुलिस रिमांड पर आरोपी

पिंजौर थाना के जांच अधिकारी एएसआई विक्रमजीत ने बताया कि आरोपी बलवान पुलिस रिमांड पर है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दोनों ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और क्या किसी व्यक्ति को एक से अधिक बार ब्लैकमेल किया गया। दोनों के मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए गए हैं और उनकी जांच की जा रही है।

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