अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला इन दिनों गरमाया हुआ है. मीडिया में चोरी, गबन और हेराफेरी को लेकर तमाम तरह की खबरें सामने आ रही है. जिसको लेकर बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी हो उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए. साथ ही ये भी कहा कि मामले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करे हुए मायावती ने कहा कि अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी, उसमें हेराफेरी और छेड़छाड़, और ऐसी घटनाओं के बारे में मीडिया में रोज़ाना सामने आने वाली तरहतरह की खबरें बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी सही नहीं है.
मायावची ने दी सलाह
उन्होंने कहा सलाह दी कि दूसरे प्रसिद्ध मंदिरों की तरह अयोध्या में भी चढ़ावे के हिसाबकिताब की पुख्ता व्यवस्था लागू की जाए. उन्होंने कहा ‘यह पक्का करने के लिए कि मंदिर में श्रद्धापूर्वक चढ़ाए गए चढ़ावे को लेकर आगे कोई शिकायत न हो, देश के दूसरे जानेमाने और प्रसिद्ध मंदिरों में चढ़ावे वगैरह का हिसाबकिताब रखने के लिए अपनाए जाने वाले सिस्टम को यहां भी लागू करके इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाना सही रहेगा’.
अयोध्या में श्रीराम मन्दिर से चढ़ावे की हुई चोरी, ग़बन व हेराफेरी आदि करने की मीडिया में आएदिन क़िस्मक़िस्म की आ रही ख़बरें अतिगम्भीर व चिन्तनीय। ऐसे लोग क़तई भी बख़्शे नहीं जाने चाहिये, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी ठीक नहीं।
साथ ही, अब यहाँ मन्दिर में श्रद्धा के— Mayawati June 30, 2026
‘धर्म का राजनीतिकरण बंद हो’
इसके साथ ही मायावती ने कहा कि BSP जैसी राजनीतिक पार्टियों के लिए यह सही और संवैधानिक होगा कि वो देश और जनता के हित में यह सलाह दें कि देश में राजनीति के अपराधीकरण, अपराध के राजनीतिकरण, धर्म के राजनीतिकरण और राजनीति में अंधी धार्मिकता को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए. उन्होंने शवासियों से भी अपील की कि आस्था के मामलों को राजनीति से दूर रखें और व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखें.
क्या है मामला
अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से देशविदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आ रहे हैं. रोजाना करोड़ों रुपए का चढ़ावा मंदिर में आ रहा है. पिछले दिनों मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी, चोरी और हेराफेरी की खबर सामने आई. जिससे हड़कंप मच गया. इस मामले में पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं आगे की तफ्तीश पर चल रही है. विपक्ष इस मुद्दे को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है.



