दिल्ली सरकार की ओर से को मंजूरी मिलने के बाद मंगलवार को शेयर बाजार में ऑटो सेक्टर के शेयरों पर इसका असर साफ दिखाई दिया. जहां पेट्रोल और डीजल वाहनों से जुड़ी कई कंपनियों के शेयरों पर दबाव रहा, वहीं इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी एथर एनर्जी ने शेयर ने नया रिकॉर्ड बनाया.

सबसे ज्यादा असर Royal Enfield मोटरसाइकिल बनाने वाली कंपनी Eicher Motors के शेयरों पर पड़ा, जो करीब 7% तक टूट गया. इसके अलावा Bharat Forge के शेयरों में करीब 5% की गिरावट आई. हालांकि, बाद में शेयर में अच्छी खासी रिकवरी देखने को मिली और दोपहर करीब 1 बजे तक Eicher Motors का शेयर 3.5% और Bharat Forge का शेयर करीब 1% गिरकर कारोबार कर रहे थे. वहीं Hero MotoCorp, Sona BLW Precision Forgings और Samvardhana Motherson International के शेयर भी दबाव में नजर आए.
दूसरी ओर, इलेक्ट्रिक स्कूटर बनाने वाली Ather Energy के शेयरों में करीब 4% की तेजी आई और कंपनी का शेयर पहली बार 1,131 रुपये के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. साल 2026 में अब तक Ather के शेयर करीब 49% चढ़ चुके हैं. दूसरी ओर Ola Electric के शेयर में भी करीब 9.3 % का उछाल देखा गया है.
क्या है दिल्ली की नई EV पॉलिसी?
दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि 1 जुलाई 2026 से नई EV पॉलिसी 2.0 लागू होगी. यह पॉलिसी 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी. इसका मुख्य उद्देश्य राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाना और प्रदूषण कम करना है. नई पॉलिसी के तहत 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में सिर्फ इलेक्ट्रिक ऑटोरिक्शा का ही नया रजिस्ट्रेशन होगा. वहीं 1 अप्रैल 2028 से सिर्फ इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन ही रजिस्टर किए जाएंगे.
EV खरीदने के लिए मिलेगी सब्सिडी
सरकार ने लोगों को EV खरीदने के लिए कई इंसेंटिव भी दिए हैं. पहले साल इलेक्ट्रिक दोपहिया खरीदने पर 30,000 रुपये तक, दूसरे साल 20,000 रुपये और तीसरे साल 10,000 रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी. वहीं इलेक्ट्रिक ऑटो खरीदने पर पहले साल 50,000 रुपये, दूसरे साल 40,000 रुपये और तीसरे साल 30,000 रुपये तक की सहायता दी जाएगी.
इसके अलावा BSIV और उससे पुराने पेट्रोलडीजल वाहनों को स्क्रैप करने पर 1 लाख रुपये तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव भी मिलेगा. हालांकि इस पॉलिसी में हाइब्रिड वाहनों के लिए कोई विशेष प्रोत्साहन नहीं रखा गया है. सरकार अगले चार वर्षों में इस योजना पर करीब 15,000 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी कर रही है. इसमें चार्जिंग स्टेशन, EV इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार किया जाएगा.
सिर्फ पेट्रोल मॉडल बनाने वाली कंपनियों होगा नुकसान?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह पॉलिसी भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग को लंबे समय तक बढ़ावा दे सकती है. इससे Tata Motors, Mahindra, Ola Electric, Ather Energy और इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहन बनाने वाली कंपनियों को फायदा मिल सकता है. वहीं दिल्ली की यह नीति भविष्य में दूसरे बड़े राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है. अगर अन्य राज्य भी ऐसी ही नीति लागू करते हैं, तो भारत में EV अपनाने की रफ्तार और तेज हो सकती है. हालांकि, पेट्रोल बाइक बनाने वाली कंपनियों, खासकर Royal Enfield, Bajaj Auto और TVS Motor पर इसका कुछ नकारात्मक असर पड़ सकता है. लेकिन अगर ये कंपनियां अपने इलेक्ट्रिक मॉडल तेजी से बाजार में लाती हैं, तो इस नुकसान की भरपाई भी हो सकती है.



