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Mental Health Tips: अकेले रहना है पसंद, ये सही या गलत? साइकियाट्रिस्ट ने बताया

भागदौड़ भरी जिंदगी और जिम्मेदारियों के बोझ की वजह से कब हम मानसिक तनाव से घिर जाते हैं पता ही नहीं चलता है. तेजी से भागती हुई लाइफ में ब्रेक लेने का कोई चांस ही नहीं मिलता. देश में ऐसे बहुत लोग हैं जिन्हें ये पता ही नहीं है कि उन्हें स्ट्रेस की शिकायत है. कभीकभी लोग इतना परेशान हो जाते हैं कि उन्हें अकेले रहना अच्छा लगने लगता है. क्या अकेले रहना हमारे शरीर और दिमाग के लिए सही है. इस टॉपिक पर टीवी9 ने डॉक्टर अजय डोगरा से खास बातचीत की.

Mental Health Tips: अकेले रहना है पसंद, ये सही या गलत? साइकियाट्रिस्ट ने बताया

उनका कहना है कि आज की तेजरफ्तार ज़िंदगी में कई लोग अकेले समय बिताना पसंद करते हैं. लेकिन अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या अकेले रहना पसंद करना सामान्य है या यह किसी मानसिक समस्या का संकेत हो सकता है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

एक्सपर्ट कहते हैं कि वास्तव में, अकेले रहना पसंद करना अपने आप में बिल्कुल सामान्य व्यवहार है. कई लोगों के लिए यह आत्मचिंतन, मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने का एक स्वस्थ तरीका होता है. ऐसे लोग अकेले समय बिताकर खुद को बेहतर ढंग से समझते हैं, तनाव कम करते हैं और फिर से एनर्जेटिक महसूस कर पाते हैं.

कब बनता है ये नेचर मुसीबत

एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर कुछ बदलाव महसूस होने लगे या दिखने लगे तो अकेले रहने को नॉर्मल नहीं मानना चाहिए.

  1. कोई इंसान लगातार लोगों से मिलनेजुलने से बचने लगे.
  2. सामाजिक गतिविधियों से पूरी तरह दूरी बना ले.
  3. रिश्तों में रुचि खो दे.
  4. अकेलेपन के कारण उदासी, निराशा और जीवन के प्रति उत्साह में कमी महसूस करने लगे.

अगर इस तरह का व्यवहार लगातार अपनाया जा रहा है तो ये मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी समस्या का संकेत हो सकता है. ऐसे मामलों में यह समझना ज़रूरी है कि व्यक्ति अपनी इच्छा से अकेला रह रहा है या परिस्थितियों और मानसिक तनाव के कारण खुद को अलगथलग कर रहा है.

एक्सपर्ट कहते हैं कि स्वस्थ एकांत और नुकसानदायक सोशल आइसोलेशन में अंतर समझना बेहद आवश्यक है. अगर अकेले रहने की आदत आपकी दिनचर्या, काम, रिश्तों और भावनात्मक स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं कर रही है, तो चिंता की आवश्यकता नहीं है. लेकिन यदि यह व्यवहार लंबे समय तक बना रहे और जीवन की गुणवत्ता पर असर डालने लगे, तो किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा.

इन तरीकों से स्ट्रेस करें कम

अगर आप अकेले रहना पसंद करते हैं तो खुद के साथ समय बिताना अच्छा है. लेकिन घरपरिवार से कटा हुआ रहना भी गलत है. फैमिली के लिए भी टाइम निकालें ताकि रिश्ते मजबूत हो पाएं.

अकेले रहने के दौरान कुछ देर की सैर करें. नेचर और खुले वातावरण में ऐसा करते हुए समय बिताना.. दिमाग को नेचुरली शांत करता है. इसलिए रोजाना कुछ मिनट की सैर जरूरी है.

योग के जरिए भी आप दिमाग को शांत कर सकते हैं. भ्रामरी प्राणायाम, बालासन और सेतुबंधासन जैसे योगासन हमारे दिमाग को तुरंत शांत करते हैं. मेंटल हेल्थ के सही होने पर लोग अपनों के साथ टाइम बिताना पसंद करते हैं.

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