Prayagraj Phaphamau Cold Storage Incident: प्रयागराज के फाफामऊ के चर्चित आदर्श कोल्ड स्टोरेज हादसे में अब आरोपियों पर शिकंजा और कसने जा रहा है। पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार के निर्देश पर कमिश्नरेट पुलिस ने हादसे के सातों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने का फैसला लिया है।

इसके साथ ही आरोपियों द्वारा अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति की पहचान कर उसे कुर्क और जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध और मुनाफाखोरी के जरिए लोगों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
सात आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट, संपत्ति जब्ती की तैयारी
पुलिस के अनुसार थाना फाफामऊ में दर्ज मुकदमा संख्या 44/2026 में नामजद आदर्श कोल्ड स्टोरेज के मालिक अंसार अहमद, मंजूर, अलाउद्दीन, मोहम्मद जाबिर अली उर्फ जावेद, मोहम्मद उस्मान, मोहम्मद इरफान तथा मोहम्मद असलम उर्फ बाबा के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
कमिश्नरेट पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपियों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों का विवरण जुटाया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कुर्की और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, ताकि अपराध से अर्जित लाभ को भी खत्म किया जा सके।
मानकों की अनदेखी और मुनाफाखोरी बनी थी हादसे की वजह
पुलिस के मुताबिक 23 मार्च 2026 को फाफामऊ थाना क्षेत्र के चंदापुर स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज का भवन अचानक भरभराकर गिर गया था। जांच में आरोप है कि अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से क्षमता से अधिक आलू का भंडारण किया गया और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई।
पुलिस का आरोप है कि जानबूझकर बरती गई लापरवाही और निर्धारित क्षमता से अधिक स्टोरेज के कारण यह हुआ। इस दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 12 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। हादसे के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आगे भी होगी सख्त कार्रवाई
जोगेंद्र कुमार ने कहा है कि कमिश्नरेट प्रयागराज अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रहा है। संगठित अपराध, अवैध गतिविधियों और कानूनव्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध से अर्जित संपत्ति पर भी कानूनी प्रहार किया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।



