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विकसित भारत का सपना बुलंद, आज से देशभर में G RAM G कानून, मजदूरों को बढ़कर मिलेगी मजदूरी

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी ‘विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन एक्ट Act, 2025,) आज से देशभर में लागू हो जाएगा. केंद्र ने इस संबंध में कल मंगलवार को नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत संशोधित मजदूरी दरों की घोषणा की.

विकसित भारत का सपना बुलंद, आज से देशभर में G RAM G कानून, मजदूरों को बढ़कर मिलेगी मजदूरी

नई दरों के ऐलान के बाद राष्ट्रीय औसत मजदूरी अब MGNREGA के तहत 298.8 रुपये प्रतिदिन से बढ़कर VBG RAM G के तहत 327.4 रुपये रोजाना हो गई है, इस तरह से रोजाना के हिसाब से औसतन 28.6 रुपये की बढ़ोतरी है. इस बारे में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा कि 1 जुलाई से लागू होने वाली संशोधित मजदूरी दरें देश के सभी 34 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और मजदूरी क्षेत्रों में बढ़ाई गई हैं.

300 के पार गई रोजाना की मजदूरी

मंत्रालय की ओर से बताया गया कि 300 रुपये प्रतिदिन की नई अंतरिम आधार मजदूरी दर शुरू की गई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कार्यक्रम के तहत कोई भी अधिसूचित मजदूरी दर इस स्तर से कम न हो. सरकार ने कहा कि देश भर में मजदूरी दरों में औसत बढ़ोतरी 10 फीसदी से अधिक की गई है.

यह कानून पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों तक के वेतनरोजगार की कानूनी गारंटी देता है, जबकि मौजूदा ग्रामीण रोजगार ढांचे के तहत यह 100 दिन का हुआ करता था. मंत्रालय ने बताया कि 21 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों में मजदूरी दर को नई 300 रुपये की अंतरिम आधार दर के बराबर लाया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और असम जैसे राज्यों में मजदूरी में 15 से 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई. हालांकि अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में सबसे अधिक, करीब 24.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.

अधिक मजदूरी वाले राज्यों को भी फायदा

सरकार का कहना है कि संशोधित मजदूरी ढांचा इस तरह बनाया गया है कि उन राज्यों को सबसे अधिक फायदा हो जहां पहले मजदूरी दरें कम हुआ करती थीं. साथ ही जिन राज्यों में पहले से ही मजदूरी दरें अधिक थीं, वहां भी दरों में बढ़ोतरी की गई है. जैसे हरियाणा में अधिसूचित मजदूरी दर 409 रुपये, गोवा में 406 रुपये, केरल में 401 रुपये और सिक्किम की ज्यादा अधिक ऊंचाई वाली ग्राम पंचायतों में 450 रुपये प्रतिदिन की दर तय की गई है.

मंत्रालय ने कहा कि नए ढांचे के तहत काम सुचारू रूप से शुरू करने, मजदूरी का समय पर भुगतान करने और काम को बिना किसी रुकावट के जारी रखने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन किया गया है. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यह तय करना है कि “कोई भी पात्र ग्रामीण कामगार एकदिन के लिए भी बिना काम के न रहे”.

समृद्ध गांवों के जरिए विकसित भारत का सपना

उन्होंने कहा, “VBG RAM G एक्ट की शुरुआत समृद्ध गांवों के जरिए विकसित भारत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. केंद्र और राज्यों ने इसे लागू करने की तैयारी पूरी करने के लिए मिलकर काम किया है. साथ ही सरकार ने यह साफ कर दिया कि जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं हो जाते, तब तक मौजूदा eKYCवेरिफ़ाइड जॉब कार्ड मान्य रहेंगे.

सरकार की ओर से इसे लागू करने को लेकर कहा गया कि ग्राम पंचायतें इस योजना को लागू करने में अहम भूमिका निभाती रहेंगी. उनका ध्यान प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जल संरक्षण, कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों पर फोकस होगा.

तिरुपति के ओबुलावरिपल्ले से होगी शुरुआत

मंत्रालय के अनुसार, देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस कानून के लिए बजट का प्रावधान लागू कर दिया है, जबकि 24 राज्यों ने अपनी VBG RAM G राज्य योजनाएं अधिसूचित की हैं. इस अधिसूचना से पहले, कई राज्यों में मजदूरी की दरें 300 रुपये से कम थीं, जबकि सबसे कम अधिसूचित मजदूरी दर महज 241 रुपये प्रति दिन रखी थी.

मंत्रालय के अनुसार, VBG RAM G एक्ट का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ कल 2 जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के ओबुलावरिपल्ले मंडल के मुक्कावरिपल्ली गांव से होगा. इस कार्यक्रम में ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड बांटे जाएंगे और मिशन से संबंधित जागरूकता सामग्री जारी की जाएगी.

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