India

बोरवेल में जिंदगी की जंग हार गया निर्भय, 22 घंटे में पूरा हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, डॉक्टर ने घोषित किया मृत

अंबालाः हरियाणा के अंबाला जिले के गांव धनोरा में बोरवेल में गिरे 4 साल के मासूम निरवैर को आखिरकार रात को लगभग 3:30 बजे बोरवेल से निकाल लिया गया और उसे तुरंत अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ऋषिपाल ने उसे मृत घोषित कर दिया. फिलहाल बच्चे के शव को अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल के शव गृह में रखा गया है. सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा.

बोरवेल में जिंदगी की जंग हार गया निर्भय, 22 घंटे में पूरा हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन, डॉक्टर ने घोषित किया मृत

पिता के साथ दादा को खाना देने गया था निर्भय
जिले के बराड़ा क्षेत्र के धनौरा गांव में मंगलवार को चार वर्षीय एक लड़का 220 फुट गहरे बोरवेल में गिर गया था, जिसे सुरक्षित निकालने का प्रयास शुरू किया गया था. यह हादसा उस समय हुआ जब धनौरा निवासी निर्भय अपने पिता के साथ खेत में अपने दादा के लिए खाना लेकर गया था. खेलते समय निर्भय का पैर फिसल गया और वह खुले बोरवेल में जा गिरा. घटना की सूचना मिलते ही उपायुक्त अजय सिंह तोमर अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे.

निर्भय के रेस्क्यू के लिए SDRF, NDRF और सेना पहुंची थी
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल , राज्य आपदा मोचन बल और सेना की टीमों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान शुरू कर दिया था. डीसी तोमर ने बताया था कि यह घटना सुबह करीब साढ़े छह बजे हुई. उन्होंने कहा था कि बोरवेल की चौड़ाई लगभग नौ इंच है. उन्होंने बताया था कि एनडीआरएफ की टीम विशेष उपकरणों के साथ मौके पर मौजूद है और सेना से भी सहायता मांगी गई है. बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा था.

बोरवेल के पास खेल रहा था निर्भय
निर्भय के दादा करनैल सिंह सुबहसुबह खेत में काम करने चले गए थे. बाद में निर्भय के पिता मनजीत उनके लिए खाना लेकर खेत पहुंचे. निर्भय ने भी अपने पिता के साथ जाने की जिद की, जिस पर वह उसे अपने साथ ले गए. खेत पहुंचने के बाद मनजीत काम में लग गए और करनैल सिंह खाना खाने लगे. निर्भय पहले अपने दादा के पास बैठा रहा, लेकिन कुछ देर बाद खेलने लगा. खेलतेखेलते उसकी नजर खुले बोरवेल पर पड़ी और वह उसमें मिट्टी डालने लगा. बोरवेल के आसपास की गीली मिट्टी के कारण नीचे झांकते समय उसका पैर फिसल गया और वह बोरवेल में गिर गया.

तेज आवाज सुनकर पिता बोरवेल के पास दौड़े
मनजीत ने बताया कि अचानक तेज आवाज सुनकर उनका ध्यान उधर गया. वे तुरंत बोरवेल के पास पहुंचे और निर्भय को आवाज लगाई. शुरुआत में निर्भय के पिता, दादा और आसपास के ग्रामीणों ने अपने स्तर पर उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद सुबह करीब साढ़े सात बजे प्रशासन को घटना की सूचना दी गई.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply