यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने औद्योगिक निवेश को नई रफ्तार देते हुए 3,181 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के लिए 8 कंपनियों को लेटर ऑफ इंटेंट सौंप दिया है. इन परियोजनाओं से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 18,126 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है. मंगलवार को प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सीईओ डॉ. राकेश कुमार सिंह ने निवेशकों को एलओआई प्रदान किए.

यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, जिन कंपनियों को जमीन आवंटित की गई है, उनमें ऑटोमोबाइल कंपोनेंट, स्मार्ट इलेक्ट्रिकल मैन्युफैक्चरिंग, स्टील फर्नीचर, हेल्थकेयर, फूड प्रोसेसिंग, कॉस्मेटिक और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट जैसे क्षेत्रों की कंपनियां शामिल हैं, जो अपनी इकाइयां स्थापित करेंगी. इन उद्योगों के शुरू होने से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे.
फूड प्रोसेसिंग और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर को भी बढ़ावा
अन्य कंपनियों में क्रिस्पी सिटी फूड प्राइवेट लिमिटेड 122 करोड़ रुपये के निवेश से फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाएगी, जिससे करीब 4,000 लोगों को रोजगार मिलेगा. एजी ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड 259.90 करोड़ रुपये का निवेश कर परफ्यूम, कॉस्मेटिक और पर्सनल केयर उत्पाद बनाएगी.
सबसे बड़ा निवेश समवर्धना मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड करेगी. कंपनी को सेक्टर 8D में 50 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहां 1,156 करोड़ रुपये के निवेश से ऑटोमोबाइल कंपोनेंट निर्माण इकाई स्थापित होगी. इस परियोजना से करीब 8,000 लोगों को रोजगार मिलना संभव है.
सीईओ बोले, निवेशकों को मिलेगा हर संभव सहयोग
यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि प्राधिकरण निवेशकों को पारदर्शी, तीव्र और उद्योगअनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनेगा और हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा. आने वाले समय में भी बड़े निवेश आकर्षित करने के लिए प्राधिकरण लगातार प्रयास करता रहेगा.



