अयोध्याः राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच पुलिस ने तेज कर दी है. पुलिस ने इस्तीफा दे चुके ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के पुलिस ने बयान दर्ज किए. इस दौरान चंपत राय ने कई बड़े दावे किए. चंपत राय ने पुलिस को बताया कि ट्रस्ट को जून के पहले हफ्ते में ही पता चल गया था कि दान चोरी हो रहा है. ट्रस्ट के लोगों ने कार्रवाई करते हुए काफी मात्रा में कैश बरामद कर लिया था और आरोपियों के खिलाफ करवाई करने के लिए कहा था.

हां ये मेरी गलती है चंपत राय
चंपत राय ने अपने बयान में कहा कि मैंने एसआईटी को खुद शिकायत दी थी. उसी के आधार पर केस दर्ज हुआ. हां मेरी ये गलती है कि शिकायत करने में देरी की. अपनी तरफ से इंटर्नल जांच करते रहे. इसके अलावा चंपत राय ने यह भी बताया कि 5 जून का वो फुटेज जब अविनाश शुक्ला के घर ट्रस्ट के लोग गए थे और उसके घर से कैश रिकवर हुआ. वो ट्रस्ट को पहले पता चल गया था. वहीं जांचकर्ताओं का मानना है कि चंपत राय अच्छे एडमिनिस्ट्रेटर नहीं हैं. उनकी तरफ से लापरवाही हुई है.
कई सवालों पर चुप्पी साध गए चंपत राय
पुलिस चंपत राय, गोपाल राय और अनिल मिश्रा समेत ट्रस्ट के कई सदस्यों की फाइनेंशियल डिटेल्स जुटा रही है. सभी के बैंक अकाउंट्स और संपत्तियों की जांच भी जारी है. मीडिया रिपोर्ट्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि पूछताछ में चंपत राय कई सवालों के जवाब नहीं दे पाए. इसके साथ ही पुलिस ने ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों सहित लगभग 70 लोगों को नोटिस जारी किए हैं.
चंपत राय से पुलिस ने पूछे कई सवाल
जांच में लगी पुलिस चढ़ावे के प्रबंधन, निगरानी व्यवस्था, कर्माचरियों की नियुक्ति और बैंकिंग प्रक्रिया की भी पड़ताल कर रही हैं. सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान चंपत राय से चढ़ावे के प्रबंधन की व्यवस्था, प्रशासनिक निर्णय, कर्मचारियों की जिम्मेदारी और शिकायतों के निस्तारण को लेकर कई सवाल पूछे गए थे.


