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Microsoft Layoff: माइक्रोसॉफ्ट में फिर नौकरी जाने का खतरा, 5000 कर्मचारियों पर गिरेगी गाज!

दुनिया भर में काम करने वाले आईटी प्रोफेशनल्स के लिए एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है. टेक जगत की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी करने जा रही है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अपने ग्लोबल वर्कफोर्स से करीब 2.5 प्रतिशत कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने वाली है. इसका असर दुनिया भर में काम कर रहे 5,000 से ज्यादा कर्मचारियों की आजीविका पर पड़ेगा. यह कड़ा फैसला ऐसे समय में लिया जा रहा है, जब कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तकनीक पर बेतहाशा पैसा खर्च कर रही है. इस नई छंटनी का सबसे ज्यादा नुकसान कंपनी के सेल्स, कंसल्टिंग के साथसाथ गेमिंग विंग से जुड़े कर्मचारियों को उठाना पड़ेगा. वर्तमान में माइक्रोसॉफ्ट के पास लगभग 2,20,000 कर्मचारियों की फौज है.

Microsoft Layoff: माइक्रोसॉफ्ट में फिर नौकरी जाने का खतरा, 5000 कर्मचारियों पर गिरेगी गाज!

AI का बढ़ता दबदबा बना नौकरी का दुश्मन

टेक उद्योग में इस वक्त जेनरेटिव एआई की भारी आंधी चल रही है. निवेशकों को यह डर सताने लगा है कि कहीं यह नई तकनीक माइक्रोसॉफ्ट के पारंपरिक सॉफ्टवेयर कारोबार को पूरी तरह से खत्म न कर दे. इसी भारी दबाव के चलते कंपनी अपनी रणनीति बदलते हुए एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर रही है. इस नए खर्च को संतुलित करने के लिए लागत घटाई जा रही है. इसी रणनीति के तहत कंपनी ने अमेरिका में अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कार्यक्रम भी पेश किया है. यह ऑफर उन लोगों को दिया गया है जिनकी उम्र तथा नौकरी के कुल साल मिलाकर 70 का आंकड़ा पार कर रहे हैं.

शेयर बाजार की गिरावट ने बढ़ाई टेंशन

के लिए यह समय कई मोर्चों पर बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. पिछले एक महीने के भीतर शेयर बाजार में कंपनी के स्टॉक करीब 17 फीसदी तक औंधे मुंह गिर चुके हैं. इस भारी गिरावट ने निवेशकों की बेचैनी बढ़ा दी है. टेक सेक्टर का यह कड़वा सच है कि जब भी कंपनियों पर आर्थिक दबाव आता है, तो उसका सीधा खामियाजा कर्मचारियों को अपनी नौकरी गंवाकर भुगतना पड़ता है. अब माइक्रोसॉफ्ट भी गूगल, अमेज़न, मेटा तथा ओरेकल जैसी उन कंपनियों की कतार में खड़ी हो गई है, जो दुनिया भर में पहले ही हजारों लोगों को निकाल चुकी हैं. बताते चलें अभी तक इस नई छंटनी को लेकर माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगाई गई है.

गेमिंग डिवीजन पर महंगे उत्पादों की मार

छंटनी की इस लहर में सबसे ज्यादा उथलपुथल माइक्रोसॉफ्ट के एक्सबॉक्स गेमिंग डिवीजन में मची है. हार्डवेयर बनाने की लागत लगातार महंगी हो रही है. इस बढ़ते खर्च की वजह से कंपनी को अपने कंज्यूमर उत्पादों की कीमतों में 150 डॉलर तक का भारी इजाफा करना पड़ा है. बाजार में टिके रहने के लिए एक्सबॉक्स की टीम बड़े स्तर पर अपने विभाग का पुनर्गठन कर रही है. उनका मुख्य लक्ष्य किसी भी तरह से खर्चों पर लगाम कसना है, ताकि वे कंपनी की लंबी अवधि की एआई रणनीति के साथ अपने संसाधनों का तालमेल बिठा सकें.

पिछले साल भी गई थीं हजारों नौकरियां

नौकरियां जाने का यह खौफ माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारियों के लिए कोई नई बात नहीं है. पिछले साल यानी 2025 में भी कंपनी ने बड़े पैमाने पर लोगों को निकाला था. मई 2025 में लगभग 6,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया गया था. इसके ठीक बाद जुलाई महीने में भी 9,000 और पदों में कटौती कर दी गई. कुल मिलाकर पिछले साल 15,000 लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी थी, जो उस समय कंपनी के कुल वर्कफोर्स का करीब 4 फीसदी था.

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