अयोध्या : राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ नएनए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस ने आरोपी अविनाश शुक्ल के कौशलपुरी स्थित योग केंद्र से ‘रामराज्य कोष’ लिखा एक बक्सा बरामद किया है, जिस पर पेटीएम का क्यूआर कोड लगा हुआ था। इस बरामदगी के बाद पुलिस अब इस बक्से और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।

इस बीच वाराणसी के चितईपुर निवासी भास्कर सिंह ने दावा किया है कि यह बक्सा उनकी संस्था का है और उन्होंने ही इसे योग केंद्र में रखा था। उनका कहना है कि बक्से से जुड़ा खाता अयोध्या के यूको बैंक में है, जो अभी भी सक्रिय है, जबकि उस पर लगा क्यूआर कोड पुराना और निष्क्रिय हो चुका है। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है।
उधर, फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने गुरुवार दोपहर 12 बजे रामजन्मभूमि थाने में तहरीर देने का फैसला किया है। अधिवक्ताओं की मांग है कि मामले की जांच के दायरे से अब तक बाहर रहे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉ. अनिल मिश्र और व्यवस्थापक गोपाल राव के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर जांच की जाए।
वहीं मामले के विवेचक एवं क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने आरोपी अविनाश शुक्ल की 48 घंटे की पुलिस अभिरक्षा की मांग करते हुए विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा की अदालत में अर्जी दाखिल की है।
विशेष अभियोजन अधिकारी संजय दुबे ने बताया कि बीते सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई सुनवाई के दौरान आरोपी अविनाश शुक्ल ने अपने बचाव के लिए अधिवक्ता उपलब्ध कराने की मांग की थी। इस पर अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आरोपी को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस अभिरक्षा की मांग और आरोपी के आवेदन पर गुरुवार को सुनवाई होगी। विवेचक ने सोमवार को जेल में अविनाश से पूछताछ की अनुमति भी ली थी। माना जा रहा है कि पूछताछ के दौरान मिली कुछ अहम जानकारियों के आधार पर चोरी गए सामान की और बरामदगी हो सकती है।
अब तक की जांच में आरोपी अविनाश शुक्ल के पास से सर्वाधिक 20 लाख रुपये नकद बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा उसके खाते से पांच लाख रुपये राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते में वापस जमा भी कराए गए थे।



