क्या आपने कभी पहाड़ों का पसीना देखा है? सोशल मीडिया पर एक ट्रेवल इन्फ्लुएंसर ने लोगों को ऐसी पहाड़ी दिखाई, जिससे काला द्रव्य निकल रहा था. शख्स ने इसे पहाड़ों का पसीना बताया. असल में पहाड़ों से निकलने वाला ये लिक्विड शिलाजीत है जिसे कमजोरी दूर करने की दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है.

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अनोखा वीडियो वायरल हो रहा है. ट्रेवल इन्फ्लुएंसर ने हिमालय की ऊंची चोटियों पर घूमते हुए एक पहाड़ की दरार से निकलते काले चिपचिपे लिक्विड को दिखाया और उसे ‘पहाड़ों का पसीना’ नाम दे दिया. वीडियो वायरल होते ही लोग हैरान रह गए. पहाड़ों के बीच से निकल रहा ये काला लिक्विड क्या सच में पहाड़ों का पसीना है?
दरअसल यह कोई आम पानी या रस नहीं, बल्कि आयुर्वेद की सबसे कीमती दवा शिलाजीत है. शिलाजीत हिमालय, अलकनंदा और अन्य ऊंचे पहाड़ों की चट्टानों से रिसता हुआ प्राकृतिक पदार्थ है. हजारों साल पुरानी जड़ी-बूटियों, खनिजों और कार्बनिक पदार्थों का यह संग्रह माना जाता है. गर्मियों में जब पहाड़ पिघलते हैं तो यह काला, चिपचिपा और चमकदार लिक्विड बाहर निकलता है. लोग इसे ‘पहाड़ों का पसीना’ या ‘पहाड़ों का अंजन’ भी कहते हैं.
मर्दानगी और ताकत का रामबाण
आयुर्वेद के अनुसार शिलाजीत में 85 से ज्यादा खनिज, फुल्विक एसिड और ह्यूमिक एसिड होते हैं. यह पुरुषों की मर्दानगी बढ़ाने, स्टैमिना बढ़ाने और कमजोरी दूर करने में बेहद असरदार है. नियमित इस्तेमाल से थकान नहीं होती, मसल्स मजबूत होते हैं और वायरल ताकत में इजाफा होता है. कई बॉडी बिल्डर और एथलीट इसे नेचुरल सप्लीमेंट के रूप में इस्तेमाल करते हैं. महिलाओं के लिए भी यह फायदेमंद है. यह हड्डियों को मजबूत करता है, एनीमिया दूर करता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है. बुढ़ापे में याददाश्त तेज करने और जोड़ों के दर्द में राहत देने का काम भी करता है. आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि शुद्ध शिलाजीत शरीर के हर कोशिका तक पहुंचकर ऊर्जा प्रदान करता है.
20 हजार रुपये किलो तक की डिमांड
शुद्ध शिलाजीत की कीमत आसमान छू रही है. बाजार में असली शिलाजीत 15 से 20 हजार रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है. कुछ हाई क्वालिटी वाले प्रोडक्ट तो 25-30 हजार तक भी जाते हैं. सोशल मीडिया पर लोग इसे चाटकर खाते हुए वीडियो बना रहे हैं. एक चुटकी रोजाना गर्म पानी या दूध के साथ लेने की सलाह दी जाती है.
एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि हमेशा लैब टेस्टेड और शुद्ध शिलाजीत ही खरीदें. कई ब्रांड अब सर्टिफाइड शिलाजीत कैप्सूल और रेजिन फॉर्म में बेच रहे हैं. आधुनिक रिसर्च भी शिलाजीत के फायदों को साबित कर रही है. फुल्विक एसिड एंटी-एजिंग, एंटी-ऑक्सीडेंट और डिटॉक्स गुणों के लिए जाना जाता है. यह टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ाने में मदद करता है, जिससे मर्दानगी और एनर्जी बढ़ती है. कई स्टडीज में पाया गया कि नियमित सेवन से क्रॉनिक थकान सिंड्रोम में राहत मिलती है.
कैसे होता है जमा?
पहाड़ी इलाकों के स्थानीय लोग गर्मियों में ऊंची चट्टानों पर जाते हैं और चट्टानों से रिसते शिलाजीत को इकट्ठा करते हैं. इसे साफ करके रेजिन फॉर्म में तैयार किया जाता है. यह प्रक्रिया काफी मेहनत वाली होती है, इसलिए इसकी कीमत ज्यादा है.



