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बरेली में दीवार गिरी, भाई-बहन की दर्दनाक मौत… उजड़ गई परिवारों की खुशियां

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के अलीगंज थाना क्षेत्र के कैनी गांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया. पड़ोस की दुकान से रस्क लेकर घर लौट रहे दो चचेरे भाईबहन अचानक एक पुरानी पक्की दीवार की चपेट में आ गए. देखते ही देखते दीवार भरभराकर दोनों मासूम बच्चों के ऊपर गिर गई. जब तक ग्रामीण मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकालते, तब तक दोनों मासूमों की सांसें थम चुकी थीं. घटना के बाद गांव में मातम छा गया, जबकि परिवार के लोगों का रोरोकर बुरा हाल है.

बरेली में दीवार गिरी, भाई-बहन की दर्दनाक मौत… उजड़ गई परिवारों की खुशियां

दरअसल, मृतक बच्चों की पहचान आठ वर्षीय अंशु और सात वर्षीय इशिका के रूप में हुई है. दोनों चचेरे भाईबहन थे. अंशु के पिता अजीत कश्यप और इशिका के पिता नन्हे कश्यप सगे भाई हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण दोनों भाई दूसरे शहरों में मजदूरी करते हैं. बच्चों की देखभाल गांव में उनकी दादी करती थीं. दोनों बच्चे रोज की तरह घर से पड़ोस की दुकान पर रस्क लेने गए थे. सामान लेकर लौटते समय रास्ते में बनी पुरानी दीवार अचानक ढह गई और दोनों उसकी चपेट में आ गए.

मलबा हटाने दौड़े ग्रामीण

दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े. ग्रामीणों ने बिना देर किए ईंटों और मलबे को हटाना शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. मौके पर ही दोनों की मौत हो गई. हादसे की खबर मिलते ही पूरे गांव में चीखपुकार मच गई. बच्चों की दादी बदहवास हो गईं, जबकि गांव की महिलाओं की आंखें नम हो गईं.

घटना की सूचना मिलते ही अलीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी. पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि जिस दीवार के गिरने से हादसा हुआ, उसकी हालत पहले से कितनी जर्जर थी.

एक दिन पहले ही ननिहाल से लौटे थे दोनों बच्चे

ग्रामीणों ने बताया कि अंशु और इशिका बुधवार को ही अपने ननिहाल से वापस दादी के घर आए थे. दोनों हमेशा साथ खेलते थे और एकदूसरे के बिना कहीं नहीं जाते थे. गुरुवार सुबह भी दोनों साथ ही दुकान पर गए थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उनका आखिरी सफर साबित होगा. कुछ ही पलों में दोनों मासूम हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह गए.

हादसे की सूचना मिलते ही बाहर मजदूरी कर रहे दोनों बच्चों के मातापिता को भी खबर दे दी गई. सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. गांव के लोग लगातार परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं, लेकिन हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि अगर जर्जर दीवार को समय रहते हटाया या ठीक करा दिया जाता, तो शायद दो मासूमों की जान बच सकती थी.

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर जर्जर भवनों और पुरानी दीवारों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल कैनी गांव में हर तरफ सिर्फ सन्नाटा और मातम पसरा है. दो मासूमों की एक साथ हुई मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है.

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