भारतीय नौसेना ने अदन की खाड़ी में समुद्री डाकुओं के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया। INS त्रिकंड ने MV गोल्डन आर्सेनल जहाज को सुरक्षित बचाया।

भारतीय नौसेना ने एक बार फिर समुद्र में अपनी ताकत का लोहा मनवाते हुए एक बड़े समुद्री डकैती के प्रयास को नाकाम कर दिया है। बीती रात अदन की खाड़ी में भारतीय युद्धपोत INS त्रिकंड ने सूझबूझ और फुर्ती दिखाते हुए एक मालवाहक जहाज को समुद्री डाकुओं के चंगुल से सुरक्षित बचा लिया।
भारत के लिए बेहद खास था जहाज
सूत्रों के मुताबिक, जिस जहाज पर डाकुओं ने हमला किया था, उसका नाम MV गोल्डन आर्सेनल है। इस कमर्शियल जहाज पर भारत के लिए बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण सामान लदा हुआ था। सबसे खास बात यह है कि इस जहाज के क्रू में एक भारतीय नागरिक भी शामिल था।
सुरक्षित कमरे में छिपे क्रू मेंबर्स
मिली जानकारी के अनुसार हमले के दौरान जहाज के चालक दल ने समझदारी दिखाई। बताया जा रहा है कि जैसे ही समुद्री डाकुओं ने जहाज पर कब्जा करने की कोशिश की, क्रू मेंबर्स ने खुद को एक सुरक्षित कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद उन्होंने तुरंत रेडियो कम्युनिकेशन चैनल के जरिए भारतीय नौसेना को इस हमले की जानकारी दी और मदद मांगी।
भारतीय नौसेना को आते देख भागे डाकू
बता दें कि संकट का संदेश मिला, पास में ही तैनात भारतीय युद्धपोत INS त्रिकंड तेजी से मदद के लिए उस तरफ रवाना हो गया। भारतीय युद्धपोत को अपनी ओर आता देख और नौसेना के खौफ से समुद्री डाकू अपनी जान बचाकर वहां से भाग खड़े हुए।
डाकुओं के भागने के बाद, भारतीय नौसेना के जांबाज मार्कोस कमांडो जहाज पर उतरे। उन्होंने पूरे जहाज की गहन तलाशी ली और यह सुनिश्चित किया कि जहाज पर अब कोई खतरा या डाकू नहीं छिपा है।



