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मुंबई-UP से कंबोडिया तक… सिम कार्ड से हाे रहा फ्रॉड, 100 करोड़ की ठगी का आरोपी कोलाबा से अरेस्ट

Mumbai Crime Branch Up Stf Arrested Shihan Sheikh Accused Supplying Fake Sim Cards To Fraudsters

Fake SIM Card Racket: देशभर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘स्टॉक मार्केट’ के नाम पर होने वाली ठगी के पीछे सक्रिय एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। मुंबई के कोलाबा से गिरफ्तार शिहान इश्तियाक शेख उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। यह गिरफ्तारी साइबर अपराध के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की एक अहम कड़ी है।

मुंबई क्राइम ब्रांच की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) और उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक खुफिया जानकारी के आधार पर कोलाबा इलाके में छापेमारी की। यहां से शिहान इश्तियाक शेख नाम के वांटेड अपराधी को गिरफ्तार किया गया। शिहान पिछले कई महीनों से फरार था और यूपी पुलिस ने उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वह कोलाबा में एक ट्रेवल्स कंपनी में छिपकर काम कर रहा था, लेकिन वहीं से अपना अवैध नेटवर्क चला रहा था।

10,000 सिम कार्ड और 100 करोड़ की ठगी

जांच में जो खुलासा हुआ है वह चौंकाने वाला है। शिहान शेख यूपी में सक्रिय एक बड़े साइबर गिरोह का मुख्य सदस्य था। वह मुंबई से थोक में सिम कार्ड खरीदता था और उन्हें उत्तर प्रदेश ले जाकर अपने गांव के लोगों और गैंग के सदस्यों को 1000 से 1200 रुपये में बेच देता था। पिछले तीन वर्षों में इस गिरोह ने लगभग 10,000 सिम कार्ड एक्टिव किए हैं। इन सिम कार्डों के जरिए अब तक देश में करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक के फ्रॉड को अंजाम दिया जा चुका है।

कंबोडिया कनेक्शन और ‘डिजिटल अरेस्ट’

यह गिरोह सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं था। आरोपी इन एक्टिवेटेड सिम कार्डों को कंबोडिया में बैठे साइबर सरगनाओं को भेजता था। कंबोडियाई ठग इन्हीं भारतीय नंबरों का इस्तेमाल कर ‘डिजिटल अरेस्ट‘, ‘पार्सल स्कैम’ और ‘स्टॉक मार्केट’ में निवेश के नाम पर मासूम लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाते थे। फर्जी आधार कार्ड और टेलीकॉम कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत से इन सिम कार्डों को बिना किसी वेरिफिकेशन के एक्टिवेट कर दिया जाता था।

टेलीकॉम कर्मचारियों की मिलीभगत

इस गिरोह का सरगना ओमप्रकाश अग्रहरि है, जो पहले नामी टेलीकॉम कंपनियों जैसे हच, वोडाफोन और जियो में काम कर चुका था। उसे नेटवर्क और सिम एक्टिवेशन की गहरी तकनीकी जानकारी थी। उसने वोडाफोन आइडिया के सेल्स एग्जीक्यूटिव और पीओएस एजेंटों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों पर सिम निकालने का अवैध कारोबार खड़ा किया। इस मामले में पुलिस अब तक गैंग लीडर सहित वकील और डिस्ट्रीब्यूटर्स को भी जेल भेज चुकी है।

आगे की कार्रवाई

यूपी STF ने आरोपी शिहान शेख की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड हासिल की है और उसे पूछताछ के लिए लखनऊ ले जाया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि शिहान से पूछताछ के बाद कंबोडिया में बैठे मास्टरमाइंड्स और भारत में छिपे अन्य गुर्गों के बारे में और भी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी।

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