चंडीगढ़ : पूर्व मंत्री जोगिंदर सिंह मान ने पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि कांग्रेस हाईकमान द्वारा अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को दोबारा पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाए जाने का फैसला दलित समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस निर्णय से कांग्रेस ने दलित समुदाय के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है।

जोगिंदर सिंह मान ने कहा कि राजा वड़िंग द्वारा पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ दलित नेता सरदार बूटा सिंह के संबंध में की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी को दलित समाज आज तक नहीं भूला है। उन्होंने कहा कि सरदार बूटा सिंह ने देश और समाज की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया था और उनके प्रति की गई किसी भी तरह की टिप्पणी दलित समुदाय की भावनाओं को आहत करती है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह ऐसे बयानों से सहमत है। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा तथा नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा से इस मुद्दे पर अपना रुख सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की मांग की। मान ने कहा कि पंजाब के दलित समाज को यह जानने का अधिकार है कि कांग्रेस के बड़े नेता राजा वड़िंग की उस टिप्पणी पर क्या सोच रखते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस दलित हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन उसके फैसले कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। मान ने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में दलित समाज का सम्मान करती है तो उसे इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और दलित समुदाय की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
जोगिंदर सिंह मान के इस बयान के बाद पंजाब की सियासत में एक बार फिर दलित राजनीति और कांग्रेस नेतृत्व को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।



