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बार-बार होता है माइग्रेन? इसकी वजह एनीमिया भी हो सकती है, स्टडी से जानें

आज के समय में एनीमिया और माइग्रेन दोनों ही आम स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हैं. एनीमिया होने पर शरीर में पर्याप्त रेड ब्लड सेल्स या हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता, जिससे शरीर के कई अंगों तक ऑक्सीजन ठीक से नहीं पहुंच पाती. वहीं माइग्रेन एक ऐसी समस्या है, जिसमें तेज सिरदर्द के साथ मतली, उल्टी और रोशनी या तेज आवाज से परेशानी जैसी शिकायतें भी हो सकती हैं. दोनों समस्याएं अलगअलग मानी जाती हैं, लेकिन हाल के वर्षों में वैज्ञानिक इनके बीच संभावित संबंध को समझने के लिए लगातार शोध कर रहे हैं.

बार-बार होता है माइग्रेन? इसकी वजह एनीमिया भी हो सकती है, स्टडी से जानें

हाल ही में प्रकाशित एक स्टडी में और माइग्रेन के बीच संबंध होने की बात सामने आई है. रिसर्चर्स ने यह जानने की कोशिश की कि क्या एनीमिया से पीड़ित लोगों में माइग्रेन का खतरा अधिक हो सकता है. आइए जानते हैं कि स्टडी में क्या पाया गया, एनीमिया और माइग्रेन के कौनकौन से लक्षण दिखाई दे सकते हैं और इन दोनों समस्याओं से बचाव के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

स्टडी में एनीमिया और माइग्रेन के बीच क्या संबंध पाया गया?

के अनुसार, आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया और माइग्रेन के बीच संबंध देखा गया. शोध में पाया गया कि जिन लोगों में एनीमिया अधिक गंभीर था, उनमें माइग्रेन की समस्या भी अधिक देखने को मिली. रिसर्चर्स का मानना है कि शरीर में आयरन की कमी होने पर हीमोग्लोबिन का स्तर घट सकता है, जिससे शरीर और दिमाग तक ऑक्सीजन ठीक तरीके से नहीं पहुंच पाता है.

इसके अलावा आयरन की कमी कुछ न्यूरोलॉजिकल प्रक्रियाओं को भी प्रभावित कर सकती है, जो माइग्रेन से जुड़ी हो सकती हैं. हालांकि, रिसर्चर्स ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस स्टडी से केवल दोनों समस्याओं के बीच संबंध का संकेत मिलता है. इससे यह साबित नहीं होता कि एनीमिया सीधे माइग्रेन का कारण बनता है. इस संबंध को बेहतर तरीके से समझने के लिए आगे और बड़े स्तर पर शोध की जरूरत बताई गई है.

एनीमिया और माइग्रेन के कौनकौन से लक्षण दिखाई दे सकते हैं?

एनीमिया होने पर थकान, कमजोरी, चक्कर आना, सांस फूलना, त्वचा का पीला पड़ना और ध्यान लगाने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं.

वहीं माइग्रेन में सिर के एक हिस्से या पूरे सिर में तेज दर्द, मतली, उल्टी, तेज रोशनी या आवाज से परेशानी और कभीकभी धुंधला दिखाई देना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. अगर ये लक्षण बारबार दिखाई दें या लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

एनीमिया और माइग्रेन से बचाव के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

संतुलित डाइट लें और आयरन से भरपूर चीजें जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, बीन्स, गुड़ और सूखे मेवे को डाइट में शामिल करें. पर्याप्त पानी पिएं, नियमित नींद लें और तनाव कम करने की कोशिश करें.

अगर बारबार सिरदर्द या एनीमिया के लक्षण महसूस हों, तो जांच करवाकर डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज कराएं. बिना सलाह के आयरन सप्लीमेंट या कोई भी दवा लेना सही नहीं माना जाता.

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