Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। अब पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से ऐसे डिजिटल सबूत मिले हैं, जिन्हें जांच के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। शुरुआती जांच में व्हाट्सएप चैट, फोटो और वीडियो सामने आए हैं, जिनसे कथित तौर पर चोरी की रकम, उसके लेनदेन और आपसी तालमेल से जुड़े कई सुराग मिले हैं। इन सभी डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर RSS का पहला बयान
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि इस घटना से करोड़ों रामभक्तों की भावनाओं और आस्था को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही मंदिर की व्यवस्था में यदि कोई कमी है तो उसे जल्द दूर कर पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली सुनिश्चित की जानी चाहिए। दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि राम मंदिर देश की करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है।
ऐसे में चढ़ावे से जुड़ी किसी भी तरह की अनियमितता बेहद गंभीर विषय है और इस पर कठोर कार्रवाई होना जरूरी है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच लगातार जारी है। पुलिस और एसआईटी विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं और अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। ऐसे समय में RSS की यह पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
मेदांता अस्पताल पहुंचे CM योगी, महंत नृत्य गोपाल दास का जाना हाल
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के चलते लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को मेदांता अस्पताल पहुंचे और महंत नृत्य गोपाल दास का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी ली और इलाज की प्रगति के बारे में चर्चा की। मुख्यमंत्री ने महंत नृत्य गोपाल दास के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके बेहतर इलाज के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है।
WhatsApp पर होती थी बातचीत
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, चढ़ावे की गिनती के दौरान आरोपी खुलकर बातचीत नहीं कर पाते थे। ऐसे में वे व्हाट्सएप के जरिए एकदूसरे से संपर्क में रहते थे। चैट में कथित तौर पर इस बात की चर्चा मिली है कि रकम कब और कैसे निकाली जाए और बाद में उसका बंटवारा किस तरह किया जाए। पुलिस ने इन चैट्स को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।
डिलीट की गई चैट भी खंगाल रही पुलिस
जांच के दौरान कुछ मोबाइल फोन में व्हाट्सएप चैट डिलीट किए जाने के संकेत भी मिले हैं। पुलिस अब फोरेंसिक तकनीक की मदद से डिलीट डेटा रिकवर करने की कोशिश कर रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
फोटो और वीडियो भी बने जांच का हिस्सा
मोबाइल फोन से कई फोटो और वीडियो भी बरामद हुए हैं। इनमें कुछ वीडियो आरोपियों के साथ बैठकर पार्टी करते हुए दिखाई देते हैं, जबकि कुछ तस्वीरों में उनके पास बड़ी मात्रा में नकदी नजर आ रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह वही रकम है, जो कथित तौर पर चढ़ावे से निकाली गई थी।
SIT ने फिर की ट्रस्ट पदाधिकारियों से पूछताछ
मामले की जांच कर रही एसआईटी गुरुवार को एक बार फिर अयोध्या पहुंची। टीम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान चढ़ावे के ऑडिट और प्रबंधन से जुड़े दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए गए। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में कई सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिले। ऐसे में आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
ये भी पढ़ें:
जमीन सौदों तक पहुंची जांच
चढ़ावा चोरी की जांच अब राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े जमीन सौदों तक भी पहुंच गई है। पुलिस ने ट्रस्ट से नजूल जमीन के सौदों में कथित तौर पर शामिल रहे बिचौलियों की सूची तैयार कर ली है। हालांकि फिलहाल जांच का मुख्य फोकस चोरी के मामले पर है, लेकिन जरूरत पड़ने पर जमीन खरीद से जुड़े पहलुओं की भी गहराई से जांच की जाएगी।
फिलहाल पुलिस, एसआईटी और फोरेंसिक टीम मिलकर डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि इन सबूतों के आधार पर आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
जानिए अब तक क्याक्या हुआ
7 जून :
7 जून को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस मामले को हवा देते हुए योगी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर उनकी ‘डबल इंजन’ सरकार, ड्रोन और दूरबीन सही से काम कर रहे होते, तो विपक्ष को सवाल उठाने का मौका ही नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि आस्था के पैसे में चोरी गंभीर चिंता का विषय है।
इसके बाद आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी इस पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर जैसे पवित्र स्थान पर दान की चोरी बेहद गंभीर है। इसकी पूरी सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
10 जून:
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कानपुर दौरे के दौरान चंदा चोरी की बातें सामने आने की बातों को स्वीकारा। उन्होंने साफ किया कि सरकार इसकी जांच करवा रही है और जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
13 जून :
13 जून को मामले को बढ़ता देख सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 3 सदस्यों की एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन हुआ।
14 जून :
मंदिर के दान पेटी से निकले कैश की गिनती से जुड़े एक कर्मचारी के घर पर गोबर में दबे 10 लाख रुपए कैश मिले। इसके बाद मामला और भी ज्यादा गंभीर हो गया है।
1718 जून :
इस पूरे मामले में पहला और सबसे बड़ा नाम रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू का सामने आया। टिन्नू पहले राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर थे और अब उनके सहयोगी बताए जाते हैं। आरोप है कि बीते कुछ सालों में उन्होंने अयोध्या और लखनऊ में करीब 50 करोड़ रुपये की चलअचल संपत्ति खड़ी कर ली है। राम मंदिर से महज डेढ़ किलोमीटर दूर उनका पुश्तैनी घर है, जहां जांच एजेंसी द्वारा सोना बरामद करने की भी खबर आई।
22 जून :
अयोध्या के श्रीराम मंदिर चढ़ावा विवाद मामले में जनहित याचिका दाखिल की गई। जिसमें सीबीआई या स्वतंत्र एजेंसी से जांच और कैग ऑडिट की मांग की गई है।
23 जून:
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद में जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने मंगलवार सुबह अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंप दी।
24 जून:
अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय से भेजी गई।
25 जून:
दान चोरी और धोखाधड़ी के आरोप में यह एफआईआर श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य श्रीकृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई है।
26 जून :
26 जून को चंपत राय ने इस्तीफा दिया
28 जून :
रविवार 28 जून की सुबह करीब 7 बजे पुलिस ने जेल में बंद सभी 8 आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की।
29 जून :
राम मंदिर चढ़ावा मामले में दायर याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल स्वीकार नहीं किया।
30 जून :
अयोध्या में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय नजरबंद
1 जुलाई :
आरोपी अविनाश के योग केंद्र से ‘रामराज्य कोष’ वाला संदूक मिला।
2 जुलाई :
आरोपियों से होगी संपत्ति की रिकवरी
ये भी पढ़ें:



