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प्रेमिका से शादी से लेकर वसीयत तक… बंकर में हिटलर के आखीरी दिन! खुफिया दस्तावेज ने उठाया तानाशाह की मौत के सस्पेंस से पर्दा

हिटलर ने बर्लिन बंकर में अपनी प्रेमिका ईवा ब्रौन से शादी की और फिर आत्महत्या कर ली। ब्रिटिश खुफिया दस्तावेजों और चश्मदीदों के बयानों ने उसके अंतिम दिनों की खौफनाक दास्तां का खुलासा किया।

प्रेमिका से शादी से लेकर वसीयत तक… बंकर में हिटलर के आखीरी दिन! खुफिया दस्तावेज ने उठाया तानाशाह की मौत के सस्पेंस से पर्दा

जर्मनी के बर्लिन में रीच चांसलरी के नीचे बने बंकर में एडोल्फ हिटलर की आत्महत्या के सात दशक से अधिक समय बीत चुके हैं। द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद ब्रिटिश सुरक्षा सेवा द्वारा एकत्र किए गए चश्मदीदों के बयान अप्रैल 1945 में हिटलर के अंतिम दिनों की बेहद खौफनाक और वास्तविक तस्वीर पेश करते हैं।

जून 1945 में, सोवियत संघ ने जानबूझकर एक झूठी घोषणा की कि हिटलर का शव नहीं मिला है और वह शायद अभी भी जीवित है। इस घोषणा के कारण पूरे यूरोप में हिटलर को देखे जाने की अफवाहें तेजी से फैलने लगीं।

इसके बाद, मित्र देशों के अधिकारियों ने पूरी तरह सुनिश्चित करने के लिए जांच शुरू की कि हिटलर की मौत वाकई बंकर में हो चुकी है। इस उद्देश्य के लिए उन्होंने हिटलर के उन निजी कर्मचारियों से कड़ी पूछताछ की, जो अप्रैल के आखिरी दिनों में उसके साथ बंकर में मौजूद थे।

ब्रिटिश खुफिया एजेंसी की जांच

युद्ध के दौरान ब्रिटिश सैन्य खुफिया अधिकारी के रूप में काम करने वाले प्रसिद्ध इतिहासकार ह्यू ट्रेवररोपर ने इन बयानों का उपयोग हिटलर की मृत्यु की परिस्थितियों की जांच के लिए किया। उन्होंने उन दावों का खंडन किया जिनमें कहा जा रहा था कि हिटलर जीवित है और पश्चिम में कहीं छिपा हुआ है।

ट्रेवररोपर ने 1947 में अपनी खोजों को द लास्ट डेज ऑफ हिटलर नामक पुस्तक में प्रकाशित किया। यह पूछताछ पूरी तरह से अप्रैल के अंतिम दिनों की घटनाओं पर केंद्रित थी, जब सोवियत रेड आर्मी ने बर्लिन को चारों तरफ से घेर लिया था और बंकर के अंदर तक गोलाबारी की आवाजें साफ सुनी जा सकती थीं।

बंकर में ही की थी प्रेमिका के साथ शादी

जैसेजैसे रूसी सेना पोलैंड को पार करते हुए जर्मनी की ओर बढ़ रही थी, हिटलर जनवरी 1945 में इस बंकर में रहने चला गया था। अप्रैल के मध्य तक रूसी सैनिक बंकर से महज कुछ सौ गज की दूरी पर लड़ रहे थे। इसी तनाव के बीच 2829 अप्रैल की रात को हिटलर ने अपनी सचिव गर्ट्रूड ट्रॉडेल जुंगे को अपनी राजनीतिक और व्यक्तिगत वसीयत लिखवाई।

इसके तुरंत बाद, हिटलर ने अपनी प्रेमिका ईवा ब्रौन से शादी कर ली। शादी के बाद हिटलर और ईवा अपने सहयोगियों जोसेफ गोएबल्स, उनकी पत्नी मागडा और निजी सचिव मार्टिन बोरमैन के साथ मानचित्रकक्ष से बाहर आए और सभी की बधाइयां स्वीकार कीं।

इस अवसर पर एक छोटी सी पार्टी भी आयोजित की गई थी। हिटलर के निजी सचिव गेर्डा क्रिश्चियन के अनुसार, हिटलर ने उस दौरान ज्यादातर अतीत और अच्छे समय की बातें कीं। हालांकि, उसने यह भी स्वीकार किया कि वह जानता था कि युद्ध पूरी तरह से हार चुके हैं।

हिटलर ने साफ कहा कि वह खुद को कभी भी रूसियों द्वारा बंदी नहीं बनाने देगा और खुद को गोली मार लेगा। वहीं ईवा ब्रौन के साथ शादी के माहौल में इतनी मायूसी थी कि गेर्डा क्रिश्चियन वहां के उदासी भरे माहौल को बर्दाश्त न कर पाने के कारण पार्टी से जल्दी चली गईं।

मुसोलिनी के अंत ने हिटलर के आत्महत्या के इरादे को दी मजबूती

29 अप्रैल की सुबह बंकर में रहने वालों को खबर मिली कि इतालवी विद्रोहियों ने इटली के तानाशाह मुसोलिनी और उसकी प्रेमिका क्लारेटा पेटाची को सरेआम फांसी दे दी है। इस खबर ने हिटलर के इस इरादे को और मजबूत कर दिया कि वह और ईवा कभी भी इस तरह के अपमानजनक भाग्य का सामना नहीं करेंगे।

इसके बाद हिटलर ने अपने कर्मचारियों को अंत की तैयारी करने का आदेश दिया। एसएस बॉडीगार्ड्स ने हिटलर के निजी दस्तावेजों को नष्ट करना शुरू कर दिया, और एक डॉक्टर को हिटलर के प्रिय एल्सेशियन कुत्ते ब्लोंडी और ईवा ब्रौन के स्पैनियल कुत्ते को जहर देने का निर्देश दिया गया।

दोपहर में हिटलर ने अपने खास सहयोगियों को छोड़कर बाकी सभी कर्मचारियों से कमरेकमरे जाकर हाथ मिलाया और उनका आभार व्यक्त किया।

30 अप्रैल 1945 को दुनिया को कहा अलविदा

30 अप्रैल की सुबह तक रूसी सेना पॉट्सडैमर प्लात्ज तक पहुंच चुकी थी और युद्ध की भीषण आवाजें बंकर को दहला रही थीं। ईवा ब्रौन और हिटलर अपने कमरों से बाहर निकले जहां पूरा स्टाफ मौन खड़ा था। सभी जानते थे कि अंतिम समय आ गया है। हिटलर की सचिवों जुंगे और क्रिश्चियन ने हिटलर से जहर के कैप्सूल मांगे, क्योंकि वे कुत्तों पर इसका त्वरित असर देख चुकी थीं।

हिटलर ने दोनों को एकएक कैप्सूल दिया और माफी मांगते हुए कहा कि काश उसके जनरलों में भी इन महिलाओं जितनी बहादुरी और धैर्य होता। ईवा ब्रौन ने जुंगे को गले लगाया और अपने आखिरी शब्दों में कहा कि यादगार के तौर पर मेरा फर कोट रख लो, मुझे हमेशा अच्छे कपड़े पहनने वाली महिलाएं पसंद रही हैं।

इसके बाद सब खत्म हो गया, अलविदा कहकर हिटलर और ईवा हमेशा के लिए अपने कमरे में चले गए। दोपहर के समय हिटलर ने खुद को गोली मार ली और ईवा ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

शवों को जलाना और सोवियत सेना की कार्रवाई

आत्महत्या के तुरंत बाद दोनों के शवों को सीढ़ियों से ऊपर बंकर परिसर के बाहर एक छोटे से बगीचे में ले जाया गया। रूसी गोलाबारी के बीच हिटलर के ड्राइवर और सहयोगियों ने उन शवों पर पेट्रोल डाला।

हिटलर के सहायक ने पेट्रोल से भीगे कपड़े में आग लगाकर शवों पर फेंक दिया, जिससे वे तुरंत आग की लपटों में घिर गए। वहां मौजूद गोएबल्स और बोरमैन सहित पूरे समूह ने अंतिम बार नाजी सलामी दी और पीछे हट गए।

आग से शव केवल आंशिक रूप से ही नष्ट हो पाए थे, जिसके बाद उन्हें आननफानन में एक बम से बने गड्ढे में दफना दिया गया। बाद में सोवियत सैनिकों ने इन शवों को खोदकर निकाला और पूर्वी जर्मनी के मैगडेबर्ग ले गए।

रूसी रिपोर्टों के अनुसार, अप्रैल 1970 में केजीबी द्वारा हिटलर के अवशेषों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया था, केवल उनके शरीर के दो हिस्से एक जबड़े की हड्डी और खोपड़ी का टुकड़ा सुरक्षित रखे गए थे, जिन्हें अप्रैल 2000 में मॉस्को के रूसी संघीय अभिलेखागार में प्रदर्शित किया गया था।

हिटलर के बंकर के इन अंतिम दिनों की इस खौफनाक दास्तां को कई फिल्मों में दिखाया गया है, जिनमें ओलिवर हिर्शबीगल की 2004 की प्रसिद्ध फिल्म डाउनफॉल सबसे प्रमुख है।

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