
सांकेतिक फोटो.Image Credit source: getty images
छत्तीसगढ़ के बीजापुर इलाके में सुरक्षा बलों का पूरा फोकस अब नक्सल कमांडर पापा राव को जिंदा या मुर्दा किसी भी तरह से पकड़ने पर है. पुलिस ने इसके लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि पुलिस उसे जिंदा या मुर्दा क्यों पकड़ना चाहती है और वह पुलिस के लिए इतना अहम क्यों हो गया है कि उसके लिए अभियान शुरू करना पड़ा.
हाल ही में छत्तीसगढ़ के सबसे वॉन्टेड माओवादी नेता देवा बरसे ने हैदराबाद में सरेंडर किया था. उसके साथ ही 20 और माओवादियों ने भी अपने हथियार डाल दिए थे. पुलिस के मुताबिक, देवा अपने साथियों के साथ तेलंगाना के मुलुगु पहुंचा था. वहां से सुरक्षा बल उसे कड़ी सुरक्षा में हैदराबाद ले आए. वहीं हाल ही में छत्तीसगढ़ में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 14 माओवादियों को मार गिराया था. सुकमा जिले के किस्ताराम इलाके में 12 और बीजापुर में 2 माओवादी मारे गए गए थे.
कौन है पापा राव?
पापा राव की पहचान सबसे खतरनाक नक्सल कमांडर के रूप में की जाती है. बीजापुर इलाके में वह दशकों से सक्रिय है. पिछले साल 6 जनवरी को कुटरू-बेदरे रोड आईईडी ब्लास्ट में 8 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे और उसकी में एक ड्राइवर की भी मौत हो गई थी. इस ब्लास्ट को पापा राव ने ही अंजाम दिया था. उस पर पुलिस ने 50 लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया है.
2025 में हुए 99 मुठभेड़
पुलिस और नक्सल के बीच 2025 में कुल करीब 99 मुठभेड़ हुई. इस दौरान कुल करीब 256 नक्सली मारे गए. यह पिछले 5 सालों में सबसे अधिक रहा. वहीं बस्तर में पिछले साल भी कुल 884 नक्सलियों की गिरफ्तारी की गई थी. वह 2025 अब तक ऐसा रहा कि इस साल में नक्सली एक भी हथियार नहीं लूट पाए.
मारा गया हिड़मा
बस्तर में लाल आंतक की कमान संभाल रहे हिड़मा की आंध्र प्रदेश में एक मुड़भेड में मौत हो गई. वहीं बारसे देवा ने हैदराबाद में सरेंडर कर दिया. अब ऐसे में पापा राव ही बड़े नक्सली के तौर पर बचा है. जिसे पुलिस जिंदा या मुर्दा किसी भी हालत में पकड़ना चाहती है.




