
देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है. पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जबकि कई मैदानी इलाकों में तेज बारिश के कारण सड़कें पानी में डूब गई हैं और जनजीवन प्रभावित हुआ है. मौसम का यह बदला हुआ मिजाज आने वाले कुछ दिनों तक राहत देने वाला नहीं दिख रहा. मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र सहित देश के 18 राज्यों में तेज बारिश, गरज-चमक और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं की संभावना जताई है.
मौसम विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर अत्यधिक बारिश भी दर्ज की जा सकती है, जिससे जलभराव, भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं. हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश ने चिंता बढ़ा दी है. कई जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है. प्रशासन संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों से भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार होने वाली बारिश के दौरान पहाड़ी ढलानों पर जाना या नदी-नालों के आसपास रुकना जोखिम भरा हो सकता है.
उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में तेज बारिश!
उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई शहरों में तेज बारिश के बाद जलभराव की समस्या देखने को मिल रही है. कई सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ, जबकि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई स्थानों पर बारिश का दौर जारी रह सकता है. कुछ इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है.
हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन से तबाही, 11 की मौत
हिमाचल प्रदेश में मॉनसून 30 जून को पहुंचा, इससे वहां के लोगों को राहत तो जरूर मिली लेकिन भारी बारिश और भूस्खलन से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित है. सूबे में तेज बारिश और भूस्खलन के चलते अब तक कुल 11 लोगों की मौत हो गई है. इस दैवीय आपदा के चलते राज्य की 49 सड़कें बंद हो गई हैं. IMD ने कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट भी जारी किया है. इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश में मॉनसून आने के साथ ही अब तक भारी बारिश और जमीन दरकने से सूबे में कुल 12 लोग घायल हुए हैं. हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की शुरुआत से अब तक 69.65 लाख का नुकसान हुआ है.
मुंबई में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
IMD के ताज़ा पूर्वानुमान के मुताबिक, शनिवार (4 जुलाई) को मुंबई, पालघर, ठाणे और रायगढ़ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है. वहीं पालघर जिले के लिए रविवार (5 जुलाई) को भी रेड अलर्ट जारी रखा गया है. मौसम विभाग का कहना है कि कुछ इलाकों में अत्यधिक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना बनी हुई है. इस बार महाराष्ट्र में मानसून की एंट्री सामान्य से कुछ देर से हुई, लेकिन सक्रिय होने के बाद बारिश ने तेजी पकड़ ली. पूरे सप्ताह मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश होती रही, जिसके कारण कई इलाकों में जलभराव, धीमा ट्रैफिक और रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर देखने को मिला.
जम्मू-कश्मीर बादल फटने से मची थी तबाही
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भलेसा क्षेत्र के खलजुगासर इलाके में बादल फटने की घटना के बाद अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है. तेज बहाव की चपेट में आने से किसानों की कृषि भूमि प्रभावित हुई है, जबकि कई खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, बाढ़ का पानी इतनी तेजी से आया कि खेतों के साथ-साथ फलदार बाग-बगीचे भी इसकी चपेट में आ गए. इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है. प्राकृतिक आपदा का असर केवल खेती तक सीमित नहीं रहा. कई मकानों और अन्य निजी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है. प्रभावित इलाकों में लोगों को रोजमर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
मौसम विभाग की निगरानी जारी
आईएमडी लगातार देशभर के मौसम की स्थिति पर नजर रखे हुए है. विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता के कारण कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. ऐसे में स्थानीय प्रशासन और नागरिकों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है. बारिश जहां खेती और जल संसाधनों के लिए फायदेमंद मानी जाती है, वहीं अत्यधिक वर्षा कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा सकती है. इसलिए मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों को गंभीरता से लेना और सुरक्षा संबंधी सलाह का पालन करना बेहद जरूरी है.
18 राज्यों IMD ने जारी किया बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, ओडिशा, केरल, नागालैंड, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र सहित कुल 18 राज्यों में बारिश की संभावना है. कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज बारिश भी हो सकती है.
दिल्ली का मौसम: 6 जुलाई तक आंधी और बारिश के आसार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है. मौसम विभाग का अनुमान है कि शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है. इसके साथ ही तेज आंधी चलने की भी चेतावनी जारी की गई है. आईएमडी के मुताबिक, हवा की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. विभाग का कहना है कि दिल्ली में 6 जुलाई तक रुक-रुककर बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है.
उत्तर प्रदेश में कई जिलों के लिए बारिश की चेतावनी
उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम बदला हुआ रहने का अनुमान है. मौसम विभाग ने 4 से 9 जुलाई के बीच राज्य के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है. आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कौशांबी और प्रयागराज में बारिश होने के आसार हैं. वहीं वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, मऊ, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और बलरामपुर में भी बादल बरस सकते हैं. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. यह मौसम गतिविधि 9 जुलाई तक बनी रहने की संभावना है.



