Mathura Banke Bihari Temple Controversy: मथुरा के वृंदावन के प्रसिद्ध कथा वाचक अनिरुद्ध आचार्य के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर होने के बाद शनिवार को हिंदू महासभा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर खुशी जाहिर करते हुए 5 किलो का केक लेकर श्री बांके बिहारी मंदिर पहुंचीं। हालांकि मंदिर परिसर में उन्हें केक ले जाने की अनुमति नहीं मिलने पर पुलिस प्रशासन ने उन्हें मंदिर जाने से रोक दिया। जिसके बाद भड़की मीरा राठौर और पुलिस से मौके पर काफी देर तक बहस होती रही।

दिसंबर 2025 में अनिरुद्ध आचार्य के खिलाफ दायर परिवाद
जानकारी के मुताबिक दिसंबर 2025 में अनिरुद्ध आचार्य के खिलाफ उनके एक बयान को लेकर थुरा की अदालत में परिवाद दायर किया गया था। उनके इस बयान में 25 वर्ष की लड़कियों को लेकर गलत टिप्पणी किए जाने का आरोप लगया गया था। उसी परिवाद को मीरा राठौर ने इसे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान बताते हुए बांके बिहारी मंदिर में 5 किलो का केक चढ़ाने का कार्यक्रम घोषित किया था।
शाम करीब 5 बजे बृजवासी भोजनालय से प्रारंभ की थी यात्रा
शुक्रवार शाम करीब 5 बजे विद्यापीठ चौराहा स्थित बृजवासी भोजनालय से यात्रा प्रारंभ की गई। मीरा राठौर के वृंदावन मंदिर पहुंचने की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। जब वह केक लेकर मंदिर की ओर बढ़ीं तब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें मंदिर के नियमों का हवाला देते हुए केक के साथ प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी।
प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप
मंदिर में केक के साथ प्रवेश करने की अनुमति नहीं मिलने पर मीरा राठौर की जिला अध्यक्ष और महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष नीतू ठाकुर व निशा ठाकुर ने प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर के नियम सभी के लिए समान हैं तो हाल ही में बरेली के महापौर ने भी मंदिर परिसर में जन्मदिन के अवसर पर केक काटे थे तब उस दौरान घटना पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
ने कहा कि यदि उस अवसर पर कोई आपत्ति नहीं उठाई गई तो फिर आज उनके कार्यक्रम को क्यों रोका गया। उन्होंने यह भी कहा कि वे जो केक लेकर आई थीं वह भगवान लड्डू गोपाल के लिए माखनमिश्री से तैयार की गई थी जो विशेष रूप से लड्डू गोपाल का भोग था।



