करीब नौ वर्ष पहले सामने आए मोहाली के सनसनीखेज सूटकेस मर्डर केस में स्थानीय अदालत ने मृतक एकम सिंह ढिल्लों की पत्नी सीरत कौर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उसे हत्या, सबूत नष्ट करने और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन के मामलों में दोषी ठहराया।

यह मामला 19 मार्च 2017 का है, जब 40 वर्षीय एकम सिंह ढिल्लों का शव एक सूटकेस के अंदर मिला था। करीब 6.3 फीट लंबे ऑटो चालक एकम सिंह ढिल्लों के शव को लगभग 2 गुणा 2.5 फीट आकार के सूटकेस में भरकर उनकी बीएमडब्ल्यू कार की पिछली सीट पर रखा गया था। यह कार फेज 3बी1 में खड़ी मिली थी।
जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि शव को सूटकेस में समाने के लिए अत्यंत क्रूर तरीके से मोड़ा गया था। घटनास्थल का दृश्य इतना भयावह था कि अनुभवी पुलिस अधिकारी भी इसे देखकर स्तब्ध रह गए। पोस्टमार्टम जांच में पुष्टि हुई कि एकम सिंह ढिल्लों की मौत गोली लगने से हुई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद घर से खून के धब्बों और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों को मिटाने का प्रयास किया गया था, ताकि अपराध से जुड़े सबूत समाप्त किए जा सकें।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरदीप सिंह ने सीरत कौर को हत्या, सबूत नष्ट करने तथा आर्म्स एक्ट के उल्लंघन के आरोपों में दोषी करार दिया। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत उसे कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। लगभग नौ वर्ष बाद आए इस फैसले के साथ 2017 के चर्चित सूटकेस मर्डर केस में न्यायिक प्रक्रिया एक महत्वपूर्ण मुकाम पर पहुंची।



