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चोरी की गाड़ियों को ‘लीगल’ बनाने का धंधा! भंडारा में 10 बाइकों के साथ गिरफ्तार हुआ आरोपी, साथियों की तलाश जारी

Bandara Lakhani Police Bike Theft: भंडारा जिले में लाखनी पुलिस ने एक शातिर मोटरसाइकिल चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की 10 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी चोरी की मोटरसाइकिलों के लिए फर्जी आरसी स्मार्ट कार्ड तैयार कर उन्हें बेचने का धंधा करता था। पुलिस इस मामले में उसके अन्य साथियों की भी तलाश कर रही है।

चोरी की गाड़ियों को ‘लीगल’ बनाने का धंधा! भंडारा में 10 बाइकों के साथ गिरफ्तार हुआ आरोपी, साथियों की तलाश जारी
चोरी की गाड़ियों को ‘लीगल’ बनाने का धंधा! भंडारा में 10 बाइकों के साथ गिरफ्तार हुआ आरोपी, साथियों की तलाश जारी

तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 22 फरवरी 2026 को पोहरा निवासी प्रकाश रूपचंद कांबले अपनी हीरो स्प्लेंडर प्लस से शंकरपट देखने गए थे। शाम करीब पांच बजे लौटने पर उनकी मोटरसाइकिल पार्किंग स्थल से गायब मिली। उन्होंने लाखनी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। लाखनी पुलिस थाने में हाल ही में पदस्थापित पुलिस निरीक्षक आशीष गजभिये ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित की।

पुलिस ने मंगलवारी पेठ, उमरेड, जिला नागपुर निवासी विक्की वसंता रामटेके को आरोपी के रूप में चिन्हित किया। पुलिस टीम के उमरेड पहुंचने से पहले ही आरोपी को पुलिस की भनक लग गई। उसने 1 जुलाई को चोरी की गई मोटरसाइकिल लाखनी स्थित मोसीन बिरयानी सेंटर के पास छोड़ दी।

पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। चोरी की मोटरसाइकिल और उसका फर्जी आरसी बरामद कर लिया गया। उक्त कार्रवाई पुलिस अधीक्षक नूरूल हसन, अपर पुलिस अधीक्षक नीलेश मोरे तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी शिवम विसापुरे के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक आशीष गजभिये, सहायक फौजदार सुरेश आत्राम तथा लाखनी पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से की। जांच पुलिस निरीक्षक आशीष गजभिये कर रहे हैं।

आरोपी ने नागपुर, मौदा व रामटेक सहित कई क्षेत्रों से चुराई थी मोटरसाइकिलें

गहन पूछताछ में आरोपी ने लाखनी, पालांदुर, साकोली, मौदा, उमरेड, नागपुर और रामटेक क्षेत्रों से मोटरसाइकिल चोरी करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने विभिन्न स्थानों से कुल 10 चोरी की कीं, जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी चोरी की मोटरसाइकिलों के लिए फर्जी आरसी कार्ड तैयार कर उन्हें बेचता था, ताकि खरीदारों को वाहन चोरी का होने का संदेह न हो।

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