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पंजाब-केरल सब पीछे छूटे… GST कलेक्शन में योगी सरकार ने लगाई 19% की छलांग, उड़ाए बड़े-बड़े राज्यों के होश

UP GST Collection Growth 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ी कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। यूपी सरकार चालू वित्तीय वर्ष में 1.49 लाख करोड़ रूपये के खुद के जीएसटी कलेक्शन के अपने टारगेट से आगे चल रही है। उत्तर प्रदेश ने जीएसटी कलेक्शन में देश के बड़े राज्यों पंजाब, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल को पीछे छोड़ दिया है। 

पंजाब-केरल सब पीछे छूटे… GST कलेक्शन में योगी सरकार ने लगाई 19% की छलांग, उड़ाए बड़े-बड़े राज्यों के होश
पंजाब-केरल सब पीछे छूटे… GST कलेक्शन में योगी सरकार ने लगाई 19% की छलांग, उड़ाए बड़े-बड़े राज्यों के होश

उत्तर प्रदेश जीएसटी कलेक्शन  में दो अंकों की बढ़त हासिल की है। योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 202627 के लिए जीएसटी कलेक्शन का 149956 करोड़ तो मूल्य संवर्धित कर के लिए 48115 करोड़ रूपये का टारगेट रखा है। सरकार ने कुल 198071 करोड़ रूपये रेवेन्यू कलेक्शन का टारगेट रखा था। 

आर्थिक मोर्चे पर कीर्तिमान स्थापित कर रहा यूपी

प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि लगातार आर्थिक मोर्चे पर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। जीएसटी रेवेन्यू कलेक्शन में प्रदेश ने जून 2026 में 19 प्रतिशत की प्रभावशाली बढ़ोतरी दर्ज करते हुए 9165 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कलेक्ट किया है। वित्त मंत्री के मुताबिक इस शानदार प्रदर्शन के साथ यूपी ने पंजाब, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। 

आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में 14 फीसदी वृद्धि, केरल में 11 फीसदी और कर्नाटक में 10 फीसदी बढ़ोतरी हुई। वहीं तमिलनाडु में 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इन सभी राज्यों की तुलना में उत्तर प्रदेश ने 19 फीसदी की सबसे बड़ी वृद्धि दर्ज कर अपनी मजबूत आर्थिक स्थिति का परिचय दिया है।

मई में 8728 करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन

इससे पहले चालू वित्तीय वर्ष के मई महीने में भी उत्तर प्रदेश ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए 8728 करोड़ रुपये का किया था, जो मई 2025 के 7732 करोड़ रुपये की तुलना में 13 फीसदी अधिक रहा। खन्ना ने कहा कि लगातार दो महीनों तक दोहरे अंकों में वृद्धि ने यह संकेत दिया है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था निरंतर गति पकड़ रही है। इससे पहले मई 2025 में 7732 करोड़ रुपए, जून 2025 में 7675 करोड़ रुपये का जीएसटी राजस्व प्राप्त हुआ था, जबकि जून 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 9165 करोड़ रुपये पहुंच गया।

राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सितंबर 2025 से लागू किए गए जीएसटी सुधारों ने नए करदाताओं को औपचारिक कर व्यवस्था के दायरे में लाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2026 से 5 करोड़ रूपये या उससे अधिक के सालाना कारोबार करने वाले व्यवसायियों के लिए ईइनवाइसिंग अनिवार्य करने से कर चोरी रुकी है और नए लोगों ने पंजीकरण भी कराया है।

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