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राम मंदिर चंदा चोरी: कौन हैं कृष्ण मोहन? जिन्हें मिली चंपत राय के कामकाज की जिम्मेदारी

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में सोमवार को चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया. इस दौरान बैठक में चंपत राय के कामकाज की जिम्मेदारी कृष्ण मोहन को सौंपी गई है. राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने इसकी पुष्टि की है. सूत्रों के मुताबिक, कृष्ण मोहन अनिल मिश्रा के कार्य को भी देखेंगे. ऐसे में लोग अब कृष्ण मोहन के बारे में जानना चाहते हैं, आखिर उन्हें ही ये जिम्मेदारी क्यों सौंपी गई है.

राम मंदिर चंदा चोरी: कौन हैं कृष्ण मोहन? जिन्हें मिली चंपत राय के कामकाज की जिम्मेदारी

कौन हैं कृष्ण मोहन?

कृष्ण मोहन ने 1970 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से जियोलॉजी में M.Sc. की डिग्री हासिल की। ​​इसके बाद, वे इंडियन फॉरेस्ट सर्विस में शामिल हुए और विभाग में अपनी सेवाएं दीं. महाराष्ट्र में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया, जिनमें डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर और कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स शामिल हैं. 2012 में रिटायर होने के बाद, वे हरदोई लौट आए. इसके बाद, उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में कई जिम्मेदारियां निभाईं और अवध क्षेत्र के लिए नगर संघचालक, जिला संघचालक और प्रांत संघचालक जैसे पदों पर काम किया.

कृष्ण मोहन की शिकायत पर हुई थी FIR

चंदा चोरी मामले में राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर अयोध्या पुलिस स्टेशन में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, टिन्नू यादव, मनीष यादव और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी. उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों पर, BNC की धाराओं 306, 316 , 317 , 317 , 61 और 3 के तहत FIR दर्ज की गई थी. इसी के बाद सभी आठों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया.

₹200 करोड़ से ज्यादा का करोड़ों का गबन

इससे पहले राम मंदिर चंदा चोरी मामले की गंभीरता को देखते हुए, उत्तर प्रदेश सरकार ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई थी. SIT की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ और उन्हें जेल भेजा गया. साथ ही चंपत राय और अनिल मिश्रा को भी अपने पदों से इस्तीफा देना पड़ा. जानकारी से पता चलता है कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले में ₹200 करोड़ से ज्यादा की रकम का गबन किया गया है.

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