
भारतीय घरों में खाने के बाद माउथ फ्रेशनर के रूप में इस्तेमाल होने वाली सौंफ सिर्फ मुंह की दुर्गंध ही दूर नहीं करती, बल्कि यह औषधीय गुणों का खजाना है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक न्यूट्रिशन साइंस तक में सौंफ को सेहत के लिए बेहद गुणकारी माना गया है। खासकर सुबह खाली पेट ‘सौंफ का पानी’ पीना आज के समय में एक लोकप्रिय हेल्थ ट्रेंड बन चुका है। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि यह न केवल आपके पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है, बल्कि खून को साफ करके स्किन में भी नेचुरल निखार लाता है।
डॉक्टर के मुताबिक सौंफ के पानी का सेवन करने से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है। ये पानी गैस, एसिडिटी, ब्लोटिंग, पेट में भारीपन और कब्ज जैसी समस्याओं का इलाज करने में काफी असरदार साबित होता है। सौंफ में मौजूद प्राकृतिक तत्व एनेथॉल (Anethole), फैंचोन (Fenchone) और एस्ट्रा गोल (Estragole) आंतों की मांसपेशियों को आराम पहुंचाने में मदद करते हैं। इससे पेट की ऐंठन कम होती है और भोजन आसानी से आगे बढ़ता है।
एक्सपर्ट के मुताबिक सौंफ पाचन एंजाइमों के स्राव को भी बढ़ावा देती है, जिससे भोजन अच्छी तरह पचता है, पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है और पेट हल्का महसूस होता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि सौंफ के पानी का सेवन करने से सेहत को कौन कौन सा फायदा होता है।
बॉडी रहती है एनर्जेटिक
एक्सपर्ट ने बताया जब पाचन सही रहता है तो शरीर को भोजन से पर्याप्त पोषण मिलता है। इससे ऊर्जा का स्तर बेहतर रहता है और व्यक्ति अधिक सक्रिय महसूस करता है। सौंफ के पानी का सेवन आप रोज सुबह खाली पेट करें आपको फायदा होगा।
स्किन की रंगत में होता है सुधार
हंसा जी योगेंद्र के अनुसार स्किन की अधिकांश समस्याओं की शुरुआत शरीर के अंदर से होती है। अगर पाचन सही नहीं रहता तो शरीर में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं, जिसका असर चेहरे पर भी दिखाई देता है। इन टॉक्सिन के जमा होने से चेहरे पर मुंहासे, स्किन की चमक कम होना, चेहरे पर सूजन होना, थकी हुई स्किन और समय से पहले झुर्रियां आने लगती हैं। सौंफ में विटामिन E और क्वेरसेटिन (Quercetin) जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शरीर में फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं, जिससे स्किन की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है।
बॉडी को ठंडा रखता है सौंफ का पानी
हंसा जी योगेंद्र का कहना है कि सौंफ का पानी शरीर की अतिरिक्त गर्मी यानी पित्त को शांत करने में मदद करता है। उनके अनुसार इससे शरीर अंदर से संतुलित रहता है। सौंफ का पानी लीवर को हेल्दी रखने और खून को साफ रखने में मदद करता है। उनका कहना है कि जब शरीर अंदर से साफ रहता है तो इसका असर स्किन पर भी दिखाई देता है।
सौंफ का पानी बनाने का पहला तरीका
हंसा जी योगेंद्र के अनुसार सौंफ का पानी बनाने के लिए एक चम्मच सौंफ लें और उसे हल्का-सा कूट लें। एक गिलास पानी में रातभर भिगो दें और सुबह पानी छानकर खाली पेट पी लें। गर्मी में इस पानी का सेवन शरीर को ठंडक पहुंचाएगा। एसिडिटी की समस्या में राहत देगा।
सौंफ के पानी के नुकसान और सावधानियां (Side Effects & Precautions)
- यूं तो सौंफ का पानी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है लेकिन कुछ हेल्थ कंडीशन में सौंफ के पानी का अत्याधिक सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है जैसे गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसका ज्यादा सेवन करने से बचें। सौंफ में एनेथॉल होता है जो एस्ट्रोजन हार्मोन की तरह काम कर सकता हैं, इसलिए प्रेग्नेंसी में और ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाएं इसका सेवन करने से परहेज करें।
- जिन लोगों को एलर्जी की समस्या है वो सौंफ का सेवन करने से परहेज करें। इससे स्किन पर रैशेज, खुजली या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
- लो ब्लड शुगर (Hypoglycemia) के मरीजों को सौंफ का सेवन करने से परहेज करना चाहिए। सौंफ का पानी ब्लड शुगर के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है। ऐसे में जो लोग पहले से ही डायबिटीज की दवाएं ले रहे हैं वो डॉक्टर की सलाह से सौंफ के पानी का सेवन करें।
- सौंफ पाचन को दुरुस्त करती है, लेकिन इसका ज्यादा सेवन पेट में मरोड़ या Loose motions का कारण भी बन सकता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख हंसा जी योगेंद्र द्वारा साझा की गई जानकारी और उपलब्ध सामान्य स्वास्थ्य तथ्यों पर आधारित है। सौंफ का पानी एक प्राकृतिक घरेलू उपाय है, लेकिन यह किसी भी बीमारी का इलाज या डॉक्टर द्वारा दी गई दवा का विकल्प नहीं है। यदि आपको लगातार गैस, एसिडिटी, पाचन संबंधी समस्या हैं, तो सौंफ का पानी नियमित रूप से पीने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी दवा या उपचार में बदलाव न करें।



