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Blind Cricket World Cup जीतने के बाद दीपिका TC ने मां को दिलाया पहला हवाई सफर, पोस्ट ने जीता देश का दिल

Deepika Tc Mother First Flight Blind Cricket World Cup Viral Story

Women Blind Cricket Team India : कई लोगों के लिए हवाई यात्रा सिर्फ एक टिकट और सीट होती है, लेकिन भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम की कप्तान दीपिका TC और उनकी मां के लिए यह एक ऐसा सपना था, जो सालों बाद साकार हुआ। हाल ही में Women’s T20 World Cup for the Blind में भारत को ऐतिहासिक और अजेय जीत दिलाने के बाद दीपिका ने एक भावुक पल सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसने पूरे देश का दिल जीत लिया।

 

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संघर्ष और सफलता की लंबी कहानी

दीपिका TC ने इंस्टाग्राम पर विमान के अंदर से एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें उनकी मां फ्लाइट में बैठी नजर आ रही हैं। इस तस्वीर के साथ दीपिका ने लिखा, “She gave me wings in life, today I gave her wings in the sky.” यह लाइन देखते ही देखते वायरल हो गई और सोशल मीडिया पर बधाइयों और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।

इस एक तस्वीर के पीछे संघर्ष और सफलता की लंबी कहानी छिपी है। दीपिका आंध्र प्रदेश और कर्नाटक की सीमा के पास स्थित एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखती हैं, जहां संसाधन बेहद सीमित थे और मौके उससे भी कम। दृष्टिबाधित होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और ब्लाइंड क्रिकेट को अपना रास्ता बनाया। यह खेल न सिर्फ कौशल, बल्कि गहरी एकाग्रता और जबरदस्त मानसिक मजबूती की मांग करता है।

पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारा, रच दिया इतिहास

घरेलू टूर्नामेंट्स में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए दीपिका ने एक भरोसेमंद बल्लेबाज और समझदार लीडर के रूप में अपनी पहचान बनाई। उनका सबसे बड़ा पल तब आया जब उन्हें Women’s T20 World Cup for the Blind में भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गई। दीपिका की अगुआई में टीम ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारा और खिताब जीतकर इतिहास रच दिया।

विश्व कप की जीत ने दीपिका को राष्ट्रीय पहचान दिलाई, लेकिन मां के पहले फ्लाइट सफर की तस्वीर ने यह दिखा दिया कि इस सफलता के पीछे कितना गहरा भावनात्मक जुड़ाव और संघर्ष छिपा है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि यह कहानी सिर्फ खेल की नहीं, बल्कि सपनों, त्याग और माता-पिता के बलिदान की भी है।

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