असम के नाम दर्ज हुई उपलब्धि… अपनी चाय की वैरायटी के लिए पहचाने जाने वाले असम में अब माचा टी का कॉमर्शियल प्रोडक्शन भी शुरू हो गया है. असम माचा टी का उत्पादन करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. हालांकि माचा टी पीने के लिए आपको जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है क्योंकि यह खास वैरायटी वाली चाय है जिसकी कीमत 3 हजार प्रति किलो रखी गई है. फोटो: Pexels

कहां शुरू हुआ प्रोडक्शन… जापान की मशहूर माचाटी का उत्पादन अब असम के पूर्वी हिस्से में स्थित तिनसुकिया जिले के छोटा तिंगराई टी एस्टेट में किया जा रहा है. भारत में पहले इसका प्रोडक्शन बहुत छोटे स्तर पर होता था लेकिन पहली बार इसे बड़े पैमाने पर शुरू किया गया है. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा आधिकारिकतौर पर इसका ऐलान किया है. फोटो: Pexels
क्या है माचा टी… असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भारत में माचा टी के उत्पादन को असम की चाय विरासत का नया अध्याय बताया है. माचा टी एक तरह की ग्रीन टी होती है जो छांव में उगाई गई चाय की पत्तियों से तैयार होती है. पत्तियों को सुखाया जाता है और पाउडर तैयार करते हैं. इनका रंग गाढ़ा हरा होता है. फोटो: Pexels
कैसे तैयार होता है माचा टी का पाउडर…पत्तियों को सुखाने तक की प्रक्रिया भी आसान नहीं होती. पत्तियां कई प्रक्रियाओं को पार करते हुए यहां तक पहुंचती हैं और चुनिंदा पत्तियों को ही हिस्सा बनाया जाता है. पत्तियों को मिल में बहुत धीरेधीरे पीसा जाता है ताकि गर्मी से इसके पोषक तत्व नष्ट न हों. इस तरह माचा टी का पाउडर तैयार होता है. फोटो: Pexels
इसलिए इतनी महंगी…भारत में माचा टी की कीमत 3 हजार रुपए किलो बताई गई है. यह इसलिए भी महंगी होती है क्योंकि इसका पाउडर तैयार करने की प्रक्रिया लम्बी है. पोषक तत्वों को बचाने के लिए पत्तियों को बहुत धीरेधीरे पीसा जाता है. नतीजा, एक घंटे में मात्र 30 ग्राम पाउडर ही तैयार हो पाता है. इसलिए यह काफी महंगी होती है. फोटो: Pexels



