
महिला टी20 विश्व कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया की कप्तान सोफी मोलिन्यूक्स ने कुछ इस वक्त चर्चा में हैं। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले उनकी फिटनेस और टीम में जगह को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही थीं, लेकिन उन्होंने मैदान पर अपने खेल और नेतृत्व से सभी आलोचनाओं का जवाब दिया है।
बता दें कि 28 वर्षीय सोफी मोलिन्यूक्स को एलिसा हीली के बाद कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। शुरुआत में कई क्रिकेट विशेषज्ञों ने इस फैसले पर सवाल उठाए थे क्योंकि मोलिन्यूक्स लंबे समय से पीठ की चोट से जूझ रही थीं। इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया के चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताया और वही भरोसा आखिरकार टीम के लिए बड़ी सफलता लेकर आया।
मौजूद जानकारी के अनुसार ऑस्ट्रेलिया ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार सात मुकाबले जीते और सातवीं बार महिला टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया हैं। फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 150 रन बनाए, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने लक्ष्य को 18वें ओवर की शुरुआत में ही हासिल कर लिया और एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की हैं।
मोलिन्यूक्स ने स्वीकार किया कि लक्ष्य का पीछा करते समय वह काफी घबराई हुई थीं। उन्होंने बताया कि जब जीत के लिए केवल तीन रन बाकी थे, तभी उन्हें पहली बार लगा कि अब टीम मुकाबला जीत जाएगी। उनके अनुसार अंतिम रन बनने के बाद पूरी टीम की खुशी को शब्दों में बयां करना आसान नहीं हैं।
इस टूर्नामेंट में मोलिन्यूक्स ने केवल कप्तानी ही नहीं, बल्कि गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सात मैचों में 11 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल गेंदबाज बनने का गौरव हासिल किया। उनकी किफायती गेंदबाजी ने कई अहम मुकाबलों में विपक्षी टीमों पर दबाव बनाए रखा।
बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में मोलिन्यूक्स को कई गंभीर चोटों का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2021 में पैर में स्ट्रेस फ्रैक्चर, घुटने की गंभीर चोट और हाल ही में पीठ की समस्या के कारण वह लंबे समय तक टीम से बाहर भी रहीं। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और शानदार वापसी करते हुए टीम को विश्व विजेता बना दिया।
ऑस्ट्रेलिया ने इस विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीत के साथ अभियान शुरू किया और ग्रुप चरण में अपराजित रहते हुए सेमीफाइनल में दमदार प्रदर्शन किया। इसके बाद फाइनल में मेजबान इंग्लैंड को हराकर टीम ने एक बार फिर महिला क्रिकेट में अपना दबदबा साबित किया है।
जीत के बाद खिलाड़ियों ने शेन वार्न की मशहूर बालकनी वाली तस्वीर को दोहराकर भी जश्न मनाया। मोलिन्यूक्स ने बताया कि यह विचार एलिस पेरी का था और पूरी टीम ने इसे यादगार पल बनाने के लिए मिलकर पूरा किया हैं।




