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पहले दर्ज कराया मुकदमा, फिर खुद पहुंच गया सलाखों के पीछे… बरेली में बेटा ही निकला हत्यारा

Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली के भुता थाना क्षेत्र में पिता की हत्या के मामले में पुलिस जांच ने ऐसा सच सामने ला दिया, जिसने सभी को हैरान कर दिया. जिस बेटे ने अपने पिता की हत्या का आरोप गांव के तीन लोगों पर लगाकर मुकदमा दर्ज कराया था. वही जांच में अपने पिता का हत्यारा निकला. पुलिस ने साक्ष्य जुटाने और गवाहों से पूछताछ के बाद आरोपी बेटे धीरज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है.

पहले दर्ज कराया मुकदमा, फिर खुद पहुंच गया सलाखों के पीछे… बरेली में बेटा ही निकला हत्यारा

दरअसल मामला बरेली के भुता थाना क्षेत्र के गांव सहजनपुर हेतराम का है. पुलिस के अनुसार, धीरज मिश्रा ने अपने पिता कृष्ण कुमार मिश्रा की हत्या का आरोप गांव के गिरजेश, राजू और भूरे पर लगाते हुए तहरीर दी थी. इस शिकायत के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई. शुरुआत में पुलिस ने नामजद लोगों से पूछताछ की, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे मामला पूरी तरह बदल गया.

जांच में बदल गई पूरी कहानी

पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, चश्मदीदों के बयान दर्ज किए और दूसरे साक्ष्य जुटाए. जांच में सामने आया कि जिन तीन लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया था, उनका घटना से कोई संबंध नहीं था. इसके बाद पुलिस का शक खुद वादी धीरज मिश्रा पर गया. जब उससे गहराई से पूछताछ की गई तो उसने हत्या की पूरी घटना कबूल कर ली. आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसके पिता लंबे समय से शराब, स्मैक और नशीले इंजेक्शन के आदी थे. नशे की वजह से वह अक्सर घर में झगड़ा करते थे और परिवार की काफी संपत्ति भी बेच चुके थे. परिवार के लोग कई बार उन्हें समझाते रहे, लेकिन उनकी आदतों में कोई बदलाव नहीं आया.

गुस्से में उठाया खौफनाक कदम

पूछताछ में धीरज ने बताया कि 24 और 25 मई 2025 की रात उसके पिता नशे की हालत में गालीगलौज कर रहे थे. इसी दौरान उसका गुस्सा बढ़ गया. उसने घर में रखा एक मोटा डंडा पिता के गले पर रखकर दबा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई. घटना के बाद खुद को बचाने के लिए उसने पुलिस को झूठी तहरीर देकर तीन अन्य लोगों को हत्या के मामले में फंसा दिया.

भुता पुलिस ने विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में नामजद तीनों लोगों को निर्दोष पाया. इसके बाद मामले में धारा में भी संशोधन किया गया और धीरज मिश्रा को आरोपी बनाते हुए उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया.

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