रीवा : सिरमौर विधानसभा के बैकुंठपुर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि अब वे पुलिस की नाक के नीचे वार करने से भी नहीं हिचक रहे हैं.बिगत रात बैकुंठपुर थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर पत्रकार सुरेश कचेर पर जानलेवा हमला हुआ. लहूलुहान हालत में उन्हें रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.
थाने के पास ‘तांडव’, 112 डायल पर भी नहीं मिला रिस्पॉन्स
हैरानी की बात यह है कि घटना स्थल थाने के बिल्कुल करीब था. घायल पत्रकार का आरोप है कि हमले के दौरान और उसके बाद लगातार डायल 112 और थाना प्रभारी को फोन किया गया, लेकिन सुरक्षा का दम भरने वाली पुलिस एक घंटे तक मौके पर नहीं पहुँची. यह देरी पुलिस की कार्यप्रणाली और नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
‘पिज्जा 30 मिनट में आता है, पुलिस घंटों नहीं आती’
अस्पताल में पत्रकार का हाल जानने पहुँचे जन प्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा, “आज के दौर में पिज्जा की डिलीवरी पुलिस की मदद से तेज है। जब थाने के सामने पत्रकार सुरक्षित नहीं है, तो आम आदमी किसके भरोसे जिए नेताओं ने स्थानीय विधायक और प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि क्षेत्र में गुंडाराज चरम पर है और पुलिस केवल मूकदर्शक बनी हुई है.
इस घटना को लेकर पत्रकार जगत और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है.जन प्रतिनिधियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं हुई और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो एसपी कार्यालय से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक न्याय की गुहार लगाई जाएगी और उग्र प्रदर्शन किया जाएगा.
यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी पर है.अगर पुलिस 50 मीटर की दूरी पर सुरक्षा नहीं दे सकती, तो उन्हें वर्दी में रहने का कोई अधिकार नहींहै।.”
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद भी पुलिस ने मार खा रहे लोगो के ऊपर क्यो उल्टी फर्जी मामला क्यो दर्ज कर दिया.



