अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. जैसेजैसे इस मामले की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे वैसे घोटाले को लेकर नएनए खुलासे हो रहे हैं. जांच के दौरान कई तरह की खामियां सामने आई हैं. इस बीच, राम मंदिर के नाम पर फर्जी रसीद को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर राम मंदिर के नाम पर बनाई गई पुरानी फर्ज़ी चंदे की रसीद बुक बरामद हुई है. बताया जा रहा है कि पुलिस जांच में आरोपियों ने इस बात को कबूला है कि वो न केवल चंदा चोरी करते थे बल्कि फर्ज़ी रसीद काट कर चंदा देने वालों से पैसे भी ऐंठ लेते थे.
पुरानी फर्जी रसीद बुक बरामद
आरोपियों के पास से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की पुरानी फर्जी रसीद बुक मिली है. बताया जा रहा है कि शुरुआत में टिन्नू यादव,लव कुश ,करुणेश, अनुकल्प और तमाम गिरफ्तार आरोपियों से जब कोई मंदिर में दान देने की इच्छा जताता था तो ये लोग रिसीविंग के तौर पर बरामद की गई फर्ज़ी रसीद दे देते थे, ताकि किसी को कोई शक न हो और पैसा उनकी जेब में जाए.
14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर होता था पैसों बटवारा
अयोध्या पुलिस अनुकल्प, लवकुश, करुणेश से पूछताछ कर रही है. रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और अविनाश शुक्ला और को चोरी के रैकेट का मुख्य आरोपी माना जा रहा है. अविनाश शुक्ला के पास से गाड़ी बरामद की गई है. जांच में सामने आया कि 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर पैसों बटवारा होता था.
आरोपियों से पूछताछ जारी
बताया जा रहा है कि अनुकल्प ने चोरी के पैसों से डिजायर गाड़ी खरीदी थी, उसने एक स्कॉर्पियो भी बुक की थी. वहीं आरोपी लवकुश ने अपनी पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर जमीन खरीदी थी, जिस पर वो तीन मंजिला इमारत बना रहा था. पुलिस इन सभी आरोपियों से इनकी प्रोपर्टी, संपत्ति, इनके बैंक खातों के बारे में पूछताछ कर रही है. पूछताछ के बाद आरोपियों को इनके ठिकानों पर लेकर जाया जा सकता है.



