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ट्रंप के बयान से क्रूड ऑयल के दाम में आया तूफान, एक झटके में इतना महंगा हो गया कच्चा तेल

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पिछले कुछ समय से कच्चे तेल की कीमतों में जो राहत दिख रही थी, वह अचानक धुएं में उड़ गई है. मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य तनाव ने क्रूड ऑयल के बाजार में भारी खलबली मचा दी है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौता खत्म होने की घोषणा भी कर दी है. अंकारा में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान से अब कोई समझौता नहीं होगा. हमने सब कुछ खत्म कर दिया है. गहराते सैन्य तनाव की वजह से कच्चे तेल के भाव में करीब 6 फीसदी का तगड़ा उछाल दर्ज किया गया. हालात यह हैं कि ब्रेंट क्रूड उछलकर 78 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है, जबकि डब्लूटीआई क्रूड भी लगभग 5.8 फीसदी की छलांग लगाते हुए 74.47 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है.

ट्रंप के बयान से क्रूड ऑयल के दाम में आया तूफान, एक झटके में इतना महंगा हो गया कच्चा तेल

अमेरिका ने क्यों उठाया यह सख्त कदम?

कच्चे तेल के बाजार में अचानक आई इस तेजी के पीछे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हुई एक बड़ी घटना है. बीते दिनों इस समुद्री रास्ते से गुजर रहे तीन कमर्शियल ऑयल टैंकरों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया गया था. इनमें कतर के झंडे वाला ‘अल रेकय्यात’ जहाज भी शामिल था. अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि ईरान ने इसकी जिम्मेदारी नहीं ली.

इसके जवाब में मंगलवार को अमेरिका ने बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले किए. इस भीषण हमले में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार नेटवर्क और एंटीशिप क्रूज मिसाइल लॉन्च पैड पूरी तरह तबाह हो गए. इतना ही नहीं, अमेरिका ने ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स की 60 से अधिक नावों को भी नष्ट कर दिया है. इस कार्रवाई के बाद ईरान ने भी कड़े पलटवार की धमकी दी है, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसी स्थिति बन गई है. ट्रंप ने ईरान के साथ समझौता खत्म होने की घोषणा भी कर दी है.

ट्रंप ने कहा कि ईरान से अब कोई समझौता नहीं होगा. हमने सब कुछ खत्म कर दिया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान ने मुझसे झूठ बोला. इसलिए अब तेहरान से आगे की बातचीत नहीं हो सकती है. हम तेहरान को परमाणु मुक्त करेंगे. इसके लिए जल्द ही प्लान को अमल में लाया जाएगा. वहीं ईरान ने अमेरिका को जबाव देते हुए कहा है कि हम जंग के लिए तैयार हैं. अमेरिका ने होर्मुज में विश्वासघात किया है. इसलिए उसके साथ बातचीत पर भरोसा नहीं किया जा सकता है. खतरे को देखते हुए पड़ोसी देशों कुवैत और बहरीन ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा है.

तेल बेचने की छूट खत्म होने से गहराया संकट

हमले के तुरंत बाद अमेरिका ने ईरान को आर्थिक मोर्चे पर भी बड़ा झटका दिया है. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान को विश्व स्तर पर तेल बेचने के लिए दिए गए स्पेशल लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है. गौरतलब है कि इसी साल जून में दोनों देशों के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ था. इसके तहत अमेरिका ने ईरान को 21 अगस्त 2026 तक कानूनी तौर पर अपना कच्चा तेल बेचने की मोहलत दी थी. अब इस छूट के पूरी तरह खत्म होने से बाजार में तेल की सप्लाई को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है.

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