
बिहार की राजनीति में वैसे तो शोर हमेशा बना रहता है, लेकिन जब खबर घर के भीतर से आए, तो सस्पेंस और बढ़ जाता है। लालू परिवार, जो हमेशा अपनी एकजुटता के लिए जाना जाता रहा है, वहां से आई एक ताज़ा सोशल मीडिया पोस्ट ने हवाओं का रुख बदल दिया है। रोहिणी आचार्य, जो अपनी बेबाकी और पिता लालू प्रसाद यादव के प्रति अटूट प्रेम के लिए मशहूर हैं, उन्होंने कुछ ऐसा लिखा है जिसे पढ़कर लोग हैरान हैं।
बिना नाम लिए… किसे दी ये सलाह?
रोहिणी आचार्य ने हाल ही में अपने एक्स (ट्विटर) हैंडल पर ‘अहंकार’ (Ego) को लेकर एक बात साझा की। उन्होंने लिखा कि “जब किसी व्यक्ति का अहंकार बेकाबू हो जाता है, तो विनाश तय है।” वैसे तो उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन राजनीति के गलियारों में चर्चा तेज़ है कि उनका यह सीधा हमला उनके अपने भाई तेजस्वी यादव की ओर है। जानकारों का कहना है कि बिहार की सत्ता से हटने और फिर बदलते सियासी समीकरणों के बीच रोहिणी का यह बयान एक बड़ी पारिवारिक कड़वाहट की ओर इशारा कर रहा है।
अटकलों का बाज़ार गरम क्यों है?
देखा जाए तो पिछले कुछ वक्त से लालू परिवार में सब कुछ शांत नहीं है। तेजस्वी यादव जिस तरह से अपनी राजनीतिक पारी को लीड कर रहे हैं, उसमें परिवार के ही कुछ सदस्यों को लगता है कि फैसले एकतरफा लिए जा रहे हैं। रोहिणी, जो सिंगापुर से अपनी किडनी डोनेट करने के बाद बिहार की जनता के लिए एक हीरो बन चुकी हैं, वे हर छोटी-बड़ी घटना पर नजर रखती हैं। लोगों का मानना है कि भाई की रणनीतियों या व्यवहार में आई किसी बदलाव ने उन्हें यह ‘गुप्त चेतावनी’ देने पर मजबूर कर दिया।
जनता क्या सोच रही है?
सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के आते ही समर्थकों के बीच भी दो धड़े बन गए हैं। एक वो जो रोहिणी को सही मान रहे हैं और कह रहे हैं कि “सीधी और साफ़ बात” करना ही उनकी खासियत है। वहीं दूसरी तरफ विपक्षी पार्टियां इस मौके को हाथ से नहीं जाने दे रहीं। उन्हें मौका मिल गया है यह कहने का कि— “जो अपना घर नहीं संभाल सकते, वे प्रदेश क्या संभालेंगे?”
कुल मिलाकर क्या है माजरा?
सियासत में कब अपनी नसीहतें दुश्मनों का हथियार बन जाएं, ये कहना मुश्किल है। रोहिणी का यह पोस्ट महज़ एक शायरी या विचार भी हो सकता है, लेकिन जिस वक्त बिहार में आरजेडी (RJD) अपनी खोई हुई ज़मीन तलाश रही है, उस समय घर के बड़े सदस्य की ऐसी टिप्पणी तेजस्वी की छवि को नुकसान पहुँचा सकती है।
अब देखना यह है कि क्या तेजस्वी इस ‘नसीहत’ पर कोई चुप्पी तोड़ते हैं या फिर लालू यादव खुद सामने आकर अपने बच्चों के बीच की इस तथाकथित दूरियों पर विराम लगाएंगे। बिहार की कहानी में ट्विस्ट आना तो तय है!



