जयपुर
राजस्थान देश का ऐसा पहला राज्य बन गया है जिसके साथ 128 देशों के समूह वाले इंटरनेशनल सोलर अलायंस ने फ्रेमवर्क फॉर एक्शनएडवांस क्लीन एनर्जी, ड्रिवन सस्टेनेबल डवलपमेंट पर हस्ताक्षर किए है। यह इस बात का प्रतीक है कि राजस्थान सौर ऊर्जा के क्षेत्र में न केवल देश का बल्कि दुनिया का प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर फ्रेमवर्क फॉर एक्शनएडवांस क्लीन एनर्जी, ड्रिवन सस्टेनेबल डवलपमेंट पर ऊर्जा सचिव सुश्री आरती डोगरा एवं इंटरनेशनल सोलर अलायंस के महानिदेशक आशीष खन्ना ने हस्ताक्षर किए।

इस अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज जलवायु परिवर्तन से निपटने के वैश्विक प्रयासों की अगुवाई कर रहा है। इंटरनेशनल सोलर अलायंस भी प्रधानमंत्री की इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसने सौर ऊर्जा को वैश्विक जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। उन्होंने कहा कि आज हस्ताक्षरित हुआ फ्रेमवर्क फॉर एक्शन स्वच्छ, सुरक्षित और भविष्य के अनुरूप ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आईएसए के साथ इस साझेदारी से प्रदेश परंपरागत ऊर्जा से नवीकरणीय ऊर्जा की ओर तेजी से बढ़ेगा। इसके अंतर्गत सौर ऊर्जा के विस्तार, प्रसारण और वितरण की व्यापक योजना तैयार की जाएगी जिससे आपूर्ति में बड़ा सुधार आएगा और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अनुकूल भौगोलिक परिस्थितियां राजस्थान को देश का अग्रणी अक्षय ऊर्जा राज्य बनाती हैं। राजस्थान इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी पॉलिसी में 125 गीगावॉट स्वच्छ ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य भी तय किया गया है। बैटरी एनर्जी स्टोरेज की पहल की गई है और सौर ऊर्जा को एकीकृत करने के लिए सहायक नीतियां बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि पीएम कुसुम योजना के माध्यम से 4 गीगावॉट से अधिक सौर क्षमता से किसानों को आज प्रदेश के 26 जिलों में दिन में बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने फ्रेमवर्क फॉर एक्शन की विशेषताओं की ओर इंगित करते हुए कहा कि इससे स्वच्छ ऊर्जा का सही तरीके से एकीकरण, प्रसारण, भंडारण और इस्तेमाल हो सकेगा। जैसेजैसे हमारे ग्रिड में सौर ऊर्जा का हिस्सा बढ़ रहा है, हमें अपने पावर सिस्टम को और अधिक अनुकूल बनाना होगा। एनर्जी स्टोरेज, डिमांड साइड मैनेजमेंट, डिजिटलाइजेशन और स्मार्ट ग्रिड जैसे उपाय करने होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रसारण एवं वितरण तंत्र को मजबूत करने, ग्रिड क्षमता बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा के समुचित समावेशन और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ऊर्जा क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। आईएसए के साथ हुए इस फ्रेमवर्क फॉर एक्शन के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटिलिजेंस का उपयोग किया जाएगा जिससे विद्युत सेवाओं में व्यापक विस्तार और सुधार होगा। इंटरनेशनल सोलर अलायंस के महानिदेशक आशीष खन्ना ने कहा कि राजस्थान पहला प्रदेश है जिसके साथ आईएसए ने फ्रेमवर्क फॉर एक्शन हस्ताक्षरित किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लागू की गई अनुकूल नीतियों एवं योजनाओं की बदौलत राजस्थान सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में देश में दूसरे स्थान पर है। वहीं, भारत का स्थान भी विश्व में दूसरे पायदान पर पहुंच चुका है।
एआई से विद्युत मांग का होगा सटीक आकलन, उपभोक्ताओं को मिलेगी अधिक विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति
उल्लेखनीय है कि आईएसए के साथ हस्ताक्षरित हुए फ्रेमवर्क फॉर एक्शन के माध्यम से राजस्थान के लिए वर्ष 203035 की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एनर्जी ट्रांजिशन प्लान तैयार किया जाएगा। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार, प्रसारण एवं वितरण तंत्र के सुदृढीकरण, ग्रिड आधुनिकीकरण, ऊर्जा भंडारण, ऊर्जा दक्षता, मांग प्रबंधन, निवेश योग्य परियोजनाओं की पहचान, ऊर्जा मॉडलिंग, संस्थागत क्षमता निर्माण तथा आवश्यक नीतिगत सुधारों जैसे विषयों को शामिल किया जाएगा। साथ ही, इसके अंतर्गत एआई एण्ड एनेबल्ड डिजिटाइजेशन कार्य किया जाएगा। विशेष रूप से अजमेर विद्युत वितरण निगम में डिजिटल द्विन तकनीक पर आधारित पायलट परियोजना प्रारम्भ की जाएगी, जिससे विद्युत मांग का सटीक आकलन, नेटवर्क की बेहतर योजना, नवीकरणीय ऊर्जा का प्रभावी समावेशन तथा उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। इस सहयोग से राज्य के अभियंताओं एवं अधिकारियों को वैश्विक स्तर के प्रशिक्षण, ज्ञान साझाकरण और क्षमता निर्माण के अवसर भी प्राप्त होंगे।
पीएम सूर्य घरमुफ्त बिजली योजना में लाए अपेक्षित गति, मुख्य सचिव करें नियमित मॉनिटरिंग
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पीएम सूर्य घरमुफ्त बिजली योजना में अपेक्षित गति लाने और मुख्य सचिव को इस योजना की नियमित मॉनिटरिंग के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रभावी एवं दूरगामी कार्य योजना बनाई जाए। उन्होंने पीएम कुसुम योजना, आरडीएसएस, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली, ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर की समीक्षा करते इनसे संबंधित कार्यों में गति लाने के लिए भी निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के मौसम में विद्युत दुर्घटनाएं न हों तथा घरेलू उपभोक्ताओं, उद्योग एवं किसानों को पर्याप्त एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, ऊर्जा शासन सचिव आरती डोगरा सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थ



