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बिहार के सरकारी भवनों पर लगेंगे 500 मेगावाट रूफटॉप सोलर प्लांट

 पटना
बिहार सरकार ने स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बिहार के सरकारी भवनों पर लगेंगे 500 मेगावाट रूफटॉप सोलर प्लांट

इनमें सबसे अहम फैसला अगले पांच वर्षों में सरकारी भवनों पर 500 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने का रहा।

यह परियोजना वित्तीय वर्ष 202526 से 202930 तक चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। सरकार का लक्ष्य बिजली खर्च घटाने के साथ हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इस पहल को राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

रेस्को मॉडल पर लगेगा सोलर प्लांट
सरकार इस योजना को रेस्को मॉडल के तहत लागू करेगी। इस मॉडल में निजी एजेंसियां अपने खर्च पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करेंगी।

इसके बाद सरकार इन संयंत्रों से उत्पादित बिजली तय दर पर खरीदेगी। इस व्यवस्था से सरकार को शुरुआती पूंजी निवेश नहीं करना पड़ेगा।

साथ ही निजी कंपनियां संयंत्रों का संचालन और रखरखाव भी करेंगी। इसके लिए संबंधित विभागों को बिजली खरीद समझौता करने की मंजूरी भी दी गई है।

बिजली खर्च घटेगा, हरित ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस योजना से सरकारी भवनों का बिजली बिल काफी कम होगा। इसके साथ ही स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी यह योजना अहम भूमिका निभाएगी। राज्य सरकार ने इसे हरित ऊर्जा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भविष्य में ऊर्जा लागत पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिलेगी।

कैबिनेट में कई बड़े फैसलों पर लगी मुहर
मंत्रिमंडल की बैठक में दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 79.84 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई। डिजिटल कृषि मिशन के तहत किसान रजिस्ट्री और डिजिटल फसल सर्वे के लिए 154 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।

इसके अलावा बिहार एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के गठन को भी मंजूरी मिली। कॉमफेड के तहत बल्क मिल्क कूलर और दूध जांच मशीन लगाने के लिए राज्यांश स्वीकृत किया गया।

वहीं पटना, सोनपुर, गया और मुजफ्फरपुर में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण को भी मंजूरी दी गई।

इन फैसलों को राज्य के विकास और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को भी मिला बढ़ावा
कैबिनेट ने चार कॉरिडोर में आरआरटीएस की डीपीआर तैयार कराने का फैसला लिया है। विक्रमशिला सेतु के मरम्मत कार्य के लिए 126.25 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना को वर्ष 203031 तक बढ़ा दिया गया है। इंजीनियरिंग कॉलेजों में एमटेक पाठ्यक्रम के लिए 76 नए शिक्षकीय पद सृजित किए जाएंगे।

इसके अलावा एम्स पटना के विस्तार के लिए भूमि अधिग्रहण को मंजूरी मिली है।मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर में केंद्रीय विद्यालयों के लिए भूमि उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया है।

 

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