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15 पैसे का दांव और मुनाफा 3,82,567%! देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने निवेश में किया चमत्कार

भारतीय शेयर बाजार ने इतिहास में कई मल्टीबैगर रिटर्न देखे हैं, लेकिन देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने जो मुनाफा कमाया है, वह पूरी तरह अकल्पनीय है. आगामी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ से देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक ऐसी कमाई करने जा रहा है जिसने दलाल स्ट्रीट के बड़ेबड़े दिग्गजों को हैरान कर दिया है. सालों पहले लगाए गए मात्र ’15 पैसे के दांव’ पर बैंक को अब 3,82,567 फीसदी का माइंडब्लोइंग प्रॉफिट मिलने जा रहा है. वहीं दूसरी ओर अमुंडी इंडिया होल्डिंग एक मोटी कमाई करने जा रही है. कंपनी को इस आईपीओ से करीब 4200 करोड़ रुपए का प्रॉफिट होने जा रहा है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर किस गणित से एसबीआई और अमुंडी इंडिया होल्डिंग को SBI फ़ंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ से मोटी कमाई होने जा रही है.

15 पैसे का दांव और मुनाफा 3,82,567%! देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने निवेश में किया चमत्कार

एसबीआई को कितना होगा प्रॉफिट?

भारत के सबसे बड़े लेंडर, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया को अपने शुरुआती निवेश पर लगभग 3,82,567 फीसदी का रिटर्न मिलने वाला है. वहीं अमुंडी इंडिया होल्डिंग को 13,095 फीसदी का फायदा होगा. ये दोनों प्रमोटर शेयरहोल्डर SBI फंड्स मैनेजमेंट के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के जरिए कुल मिलाकर 11,658 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाने की तैयारी कर रहे हैं. यह 2026 का अब तक का सबसे बड़ा भारतीय IPO है.

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सब्सिडियरी, SBI फ़ंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने गुरुवार को अपने 11,693 करोड़ रुपए के आईपीओ के लिए 545 से 574 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड घोषित किया. प्राइस बैंड के अपर लेवल पर, SBI की हिस्सेदारी से 7,366.39 करोड़ की ग्रॉस कमाई होगी, जिससे लगभग ₹7,364.47 करोड़ का मुनाफा होगा. एसबीआई का कुल निवेश लगभग 1.93 करोड़ रुपए था.

Amundi, जिसने 4.35 रुपए प्रति शेयर की एवरेज कॉस्ट चुकाई थी, 32.79 करोड़ का निवेश कया था. जिसके मुकाबले में कंपनी को आईपीओ से 4,326.52 करोड़ की ग्रॉस कमाई होगी. जिसमें लगभग 4,293.73 करोड़ रुपए का मुनाफा होगा.

कितनी हिस्सेदारी बेच रही हिस्सेदारी

बेसब्री से इंतजार किया जा रहा यह IPO पूरी तरह से 20 करोड़ से ज्यादा शेयरों का ऑफर फॉर सेल है, जिसमें इक्विटी का कोई नया इश्यू नहीं है. इसका मतलब है कि SBI फ़ंड्स मैनेजमेंट को खुद इस ऑफरिंग से कोई पैसा नहीं मिलेगा. SBI के 128.3 मिलियन शेयर बेचने की योजना है, जबकि Amundi 75.4 मिलियन शेयर बेचेगी. कुल मिलाकर, दोनों प्रमोटरसेलर इस ऑफर के जरिए SBI फंड्स मैनेजमेंट की पेडअप इक्विटी शेयर कैपिटल का 10 फीसदी से थोड़ा कम हिस्सा बेच रहे हैं. प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से SBI फ़ंड्स मैनेजमेंट की वैल्यू लगभग 1.17 लाख करोड़ रुपए है. IPO 14 जुलाई को खुलेगा और 16 जुलाई को बंद होगा.

कितना बड़ा है एसबीआई म्यूचुअल फंड?

CRISIL की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, SBI फंड्स मैनेजमेंट म्यूचुअल फंड के तिमाही औसत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट के मामले में भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है. 31 मार्च, 2026 तक इसका मार्केट शेयर 15.3 फीसदी था और 31 मार्च, 2024 से 31 मार्च, 2026 के बीच इसके म्यूचुअल फंड QAAUM में 16.97 फीसदी की CAGR से बढ़ोतरी हुई है.

31 मार्च, 2026 तक कंपनी का कुल म्यूचुअल फंड QAAUM 12,509.98 अरब रुपए था, जो एक साल पहले 10,729.49 अरब रुपए था. वहीं, पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस, एडवाइजरी और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड बिजनेस सहित इसका कुल QAAUM 29,461.05 अरब रुपए था. RHP के अनुसार, भारत की टॉप 10 AMC में कंपनी का ऑपरेटिंग एक्सपेंस रेश्यो सबसे कम है. वित्त वर्ष 2026 के लिए ऑपरेटिंग खर्च QAAUM का 0.08 फीसदी था, जबकि बाकी टॉप 10 कंपनियों के लिए यह रेंज 0.10 फीसदी से 0.25 फीसदी के बीच थी.

SBI म्यूचुअल फंड की सबसे बड़ी ताकत

SBI म्यूचुअल फंड का दायरा इसके दो प्रमोटर्स की मिलीजुली ताकत पर आधारित है. जिसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया , जिसे RHP में भारत का सबसे बड़ा कमर्शियल बैंक बताया गया है और Amundi SA, जो यूरोप की सबसे बड़ी एसेट मैनेजर कंपनी है, जिसका हेडक्वार्टर पेरिस में है और जो Euronext Paris पर लिस्टेड है शामिल हैं. RHP के अनुसार, इस ऑफर में SBI फंड्स मैनेजमेंट के योग्य कर्मचारियों के लिए 2,987,076 इक्विटी शेयर और SBI के योग्य शेयरधारकों के लिए 13,055,629 इक्विटी शेयर तक रिजर्व रखे गए हैं. इस इश्यू को 9 बुकरनिंग लीड मैनेजर कोटक, एक्सिस कैपिटल, BofA, HSBC, ISec, जेफ़रीज़, JM फाइनेंशियल, मोतीलाल ओसवाल और SBICAPS संभाल रहे हैं.

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