IndiaTrending

1100 रुपये की पेंशन लेने पहुंचे बुजुर्ग के खाते में आए 7.5 अरब, फिर जो हुआ… चौक जाएंगे आप

कहते हैं कि किस्मत कब करवट बदल ले, कोई नहीं जानता। ऐसा ही एक हैरान कर देने वाला वाकया बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से सामने आया है, जहां सकरा प्रखंड के थतिया सीहो गांव के रहने वाले एक बुजुर्ग महज 10 मिनट के लिए दुनिया के चुनिंदा अरबपतियों की सूची में शामिल हो गए। हालांकि, यह खुशी पलक झपकते ही एक अधूरे ख्वाब की तरह गायब हो गई।

1100 रुपये की पेंशन लेने पहुंचे बुजुर्ग के खाते में आए 7.5 अरब, फिर जो हुआ… चौक जाएंगे आप

दरअसल, पेशे से कवि कामेश्वर मिश्र ‘घुमक्कड़’ अपने गांव के पास स्थित एक बैंक ग्राहक सेवा केंद्र पर पहुंचे थे। वे वहां राज्य सरकार द्वारा मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था पेंशन की मामूली राशि निकालने गए थे।

बैलेंस चेक करते ही उड़े सबके होश
सीएसपी संचालक ने उनके खाते से पेंशन के 1100 रुपये निकालकर उन्हें दे दिए। इसके बाद जब बुजुर्ग ने अपने खाते का कुल बैलेंस चेक करने को कहा, तो कंप्यूटर की स्क्रीन देखते ही वहां मौजूद लोगों की आंखें फटी की फटी रह गईं। कामेश्वर मिश्र के खाते में पूरे 7 अरब 59 करोड़ 69 लाख 51 हजार 951 रुपये का बैलेंस दिखाई दे रहा था।

वहां मौजूद लोगों को पहले तो अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हुआ। शुरुआती पांच मिनट तो कंप्यूटर स्क्रीन पर दिख रहे अंकों को सहीसही गिनने और यह समझने में ही बीत गए कि यह राशि कितनी बड़ी है। 7.5 अरब रुपये की बात पक्की होते ही केंद्र पर मौजूद हर व्यक्ति की धड़कनें बढ़ गईं।

सपनों के महल पर फिरा पानी
खाते में अथाह संपत्ति देखकर कामेश्वर मिश्र भी भावुक हो गए और उन्होंने अपनी तंगहाली दूर होने के सुनहरे सपने बुनना शुरू कर दिया। सीएसपी संचालक ने तुरंत इस राशि में से कुछ पैसे निकालने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी खामी के चलते बारबार ट्रांजैक्शन फेल होता रहा।

इसके बाद कुदरत ने एक और मोड़ लिया। करीब 10 से 15 मिनट बाद जब संचालक ने पैसे निकालने के लिए दोबारा प्रयास किया और अकाउंट का बैलेंस चेक किया, तो वह अरबों का पहाड़ जैसा आंकड़ा पूरी तरह से शून्य में तब्दील हो चुका था।

पल भर में अमीर बनकर वापस उसी स्थिति में पहुंचे बुजुर्ग मायूस होकर वहीं बैठ गए। स्थानीय लोगों ने जब उनसे इस दुख का कारण पूछा, तो उन्होंने भारी मन से कहा कि गरीब के खाते में इतनी बड़ी रकम देखकर वे बेहद खुश थे, लेकिन जब पैसे नहीं निकले तो निराशा हाथ लगी। इस अजीबोगरीब घटना के बाद से पूरे इलाके में कामेश्वर मिश्र ’10 मिनट के अरबपति’ के रूप में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply