अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में थोड़ी देर में सुनवाई शुरू होने वाली है. इस केस में कुल 4 याचिकाओं पर सुनवाई होनी है, जिसमें हिंदू धर्मपरिषद् की याचिका भी शामिल है. धर्मपरिषद् ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चंदा चोरी की जांच की मांग की है.

CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली 2 सदस्यीय बेंच कुल 4 याचिकाओं पर सुनवाई करेगी. शेष 2 अलगअलग याचिकाओं में पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है, जबकि तीसरी याचिका में सीबीआई की विशेष जांच टीम से जांच और सबूतों को सुरक्षित रखने और मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन की फॉरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की गई है.
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच जरूरी है. इन याचिकाओं में वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी की तरफ से दायर एक रिट याचिका, अजय कुमार राय और आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह की याचिका भी शामिल है.
इस बीच कांग्रेस ने भी राम मंदिर के लिए चंदा चोरी करने की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की. कांग्रेस के प्रवक्ता अजय उपाध्याय ने इसे आस्था के नाम पर लूट वाला मामला करार दिया.
उपाध्याय ने जयपुर में कहा, “भगवान राम के नाम पर जुटाई गई निधि भाजपाआरएसएस के लिए राजनीतिक लूट का साधन बन गई है. यह केवल आर्थिक घोटाला नहीं है. यह दुनियाभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भावनाओं के साथ किया गया घोर विश्वासघात है.” साथ ही विपक्ष राम मंदिर के चंदा प्रबंधन व्यवस्था में कथित आर्थिक अनियमितताओं की न्यायिक जांच की मांग कर रहा है.


