भले ही सोमवार को शुरूआती कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी में करीब एक फीसदी की गिरावट देखने को मिली हो, लेकिन लोअर लेवल से सेंसेक्स में 932 अंकों का उछाल देखने को मिल चुका है. कुछ ऐसी ही तेजी निफ्टी में देखने को मिली है. लेकिन शेयर बाजार की तेजी का मिजाज परखना है तो 2 अप्रैल के 52 हफ्तों के लोअर लेवल के बाद के आंकड़ों को देख सकते हैं. तब से अब तक सेंसेक्स में 9 फीसदी तक की तेजी देखने को मिल चुकी है. वहीं दूसरी ओर निफ्टी में 9 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखने को मिल चुका है.

अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या ईरान वॉर का असर अब शेयर बाजार पर खत्म हो गया है. ये सवाल इसलिए भी अहम हो है क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच वॉर खत्म नहीं हुआ. दो महीने तक का सीजफायर बीच में ही खत्म हो गया. उसके बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष और बढ़ गया. रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने होर्मुज को एक बार फिर से बंद कर दिया है. उसके बाद भी शेयर बाजार में शुरुआती गिरावट के बाद फिर से तेजी देखने को मिली.
शेयर बाजार जानकारों की मानें तो ईरान और अमेरिका वॉर अब शेयर बाजार डिस्काउंट कर चुका है. आने वाले दिनों में इन दोनों के बीच संघर्ष कितना ही क्यों ना तीखा हो जाए, ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी. यहां तक कि सेसेक्स जल्द ही 80 हजार अंकों के लेवल के करीब पहुंच सकता है. वहीं दूसरी ओर विदेशी निवेशकों की वापसी, आईटी शेयरों में तेजी, एआई का शेयर बाजार पर असर कम होने का असर साफ देखने को मिलेगा. आइए इसे जरा विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं…
वॉर के असर को बाजार ने किया हजम
शेयर बाजार के एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुसार सेंसेक्स और निफ्टी के बीते कुछ समस के ट्रेंड को देखें तो साफ पता चलता है कि शेयर बाजार ने वॉर के असर को हजम कर लिया है. उन्होंने कहा कि वार शुरू होने के बाद से लेकर सीजफायर होने तक चीजे काफी अनप्रिडिक्टेबल थी. जिसकी वजह से शेयर बाजार में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा था. ऐसे में सेंसेक्स और निफ्टी में ज्यादातर समय तक गिरावट ही देखने को मिली. यही कारण भी था कि 2 अप्रैल को शेयर बाजार 52 हफ्तों के लोअर लेवल पर भी पहुंच गया था.
हाल के कुछ हफ्तों में जब ट्रंप ने सीजफायर खत्म होने की बात कही और दोनों देशों के बीच दोबारा से संघर्ष शुरू हुआ तो चीजे और माहौल पूरी तरह से प्रिडिक्टेबल हो गया है. जिसकी वजह से शेयर बाजार निवेशक किसी भी स्थिति के लिए पहले से ही तैयार हैं. उन्होंने कहा कि अब शेयर बाजार पर नेगेटिव इंपैक्ट बाहरी कारणों से नहीं बल्कि अंदरूनी कारणों से देखने को मिलेगा. जिसमें मानसून का असर और जीडीपी के आंकड़े अहम होने वाले हैं.
100 दिन में 9 फीसदी का उछाल
खास बात तो ये है कि बीते 100 दिनों में शेयर बाजार में 9 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिल चुकी है. 2 अप्रैल को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही अपने 52 हफ्तों के लोअर लेवल पर थे. जहां सेसेक्स 71,545.81 अंकों के साथ लोअर लेवल पर आ गया था. वहीं दूसरी ओर निफ्टी 22,182.55 अंकों के साथ 52 हफ्तों के लोअर लेवल पर आ गया था. तब से अब तक सेंसेक्स में करीब 9 फीसदी और निफ्टी में 9.36 फीसदी की तेजी देखने को मिल चुकी है. जबकि 27 फरवरी को निफ्टी 25178.65 अंकों पर बंद हुआ था. उसके बाद से 2 अप्रैल तक निफ्टी में 13 फीसदी की गिरावट आई थी. वहीं सेंसेक्स 27 अप्रैल को 81,287.19 अंकों पर बंद हुआ था, तब से 2 अप्रैल तक सेंसेक्स में 12 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिल चुकी है.
क्या सेंसेक्स जल्द छुएगा 80 हजार का लेवल?
केडिया के अनुसार सेंसेक्स के जल्द 80 हजार का लेवल छूने के आसार नहीं है. उन्होंने अनुमान लगाया कि सेंसेक्स आने वाले दिनों में 79,500 अंकों लेवल पर दिखाई दे सकता है. उन्होंने कहा कि सेंसेक्स को 77500 के लेवल का जबरदस्त सपोर्ट है. जिसकी वजह से सेंसेक्स में मौजूदा समय लेवल से करीब 2.50 फीसदी तक तेजी देखने को मिल सकती है. वहीं दूसरी ओर निफ्टी को भी 24000 अंकों का जबरदस्त सपोर्ट लेवल है. जिसकी वजह से आने वाले दिनों में निफ्टी 24700 का लेवल का देख सकता है, जो मौजूदा लेवल से 2 फीसदी से ज्यादा दिखाई दे रहा है.
किन फैक्टर्स की वजह से बाजार में आ सकती है तेजी?
- एआई का असर हुआ खत्म: बीते महीनों में कोरिया और ताइवान के बाजार एआई स्टॉक्स की वजह से पीक पर पहुंच गए थे. दोनों ही बाजारों मौजूदा साल में 100 फीसदी की तेजी तेजी देखने को मिली थी. उस दौरान भारत के आईटी स्टॉक्स में काफी गिरावट देखने को मिली थी. लेकिन मौजूदा समय में कोरिया का बाजार अपने पीक से 25 फीसदी से ज्यादा नीचे आ चुका है. इसका मतलब है कि एआई स्टॉक्स का असर अब कम या खत्म हो चुका है.
- आईटी शेयरों में तेजी: मई जून में आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. जब से कोरिया और ताइवान के बाजारों में एआई स्टॉक्स में मुनाफावसूली देखने को मिली है, उसके बाद से भारतीय शेयर बाजार के आईटी सेक्टर में इजाफा देखने को मिल चुका है. बीएसई आईटी 1 जुलाई को 52 हफ्तों के लोअर लेवल पर था. जिसमें अब तक करीब 13 फीसदी तक की तेजी देखने को मिल चुकी है. वहीं देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस के तिमाही नतीजे काफी बेहतर देखने को मिले हैं. जिसकी वजह से सेंटीमेंट काफी अच्छा हुआ है.
- विदेशी निवेशकों की खरीदारी: वहीं दूसरी ओर विदेशी निवेशकों की खरीदारी का भी काफी बड़ा असर देखने को मिल रहा है. जो आने वाले दिनों में भी जारी रह सकता है. जुलाई के महीने में अब तक विदेशी निवेशकों ने 18,314 करोड़ रुपए का निवेश कर दिया है. जोकि फरवरी 2026 के बाद सबसे ज्यादा देखने को मिला है.
शेयर बाजार पॉजिटिव नोट के साथ बंद
वहीं दूसरी ओर सोमवार को शेयर बाजार पॉजिटिव नोट के साथ बंद हुआ. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 47 अंकों की तेजी के साथ 77,616.40 अंकों पर बंद हुआ. जबकि सुबह के सत्र में सेंसेक्स 700 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ 76,857.43 अंकों पर आ गया था. उसके बाद इसमें 900 से ज्यादा अंकों की तेजी देखने को मिली और आंकड़ा 77,789.29 अंकों पर आ गया था. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 4 अंकों की तेजी के साथ 24,211 अंकों पर बंद हुआ. जोकि कारोबारी सत्र के दौरान 24,000 अंकों पर आ गया था. उसके बाद निफ्टी में 250 से ज्यादा अंकों की तेजी देखने को मिली और निफ्टी 24,259.80 अंकों पर आ गई थी.


